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राज्य बजट 2026-27, सड़क, पानी और युवाओं पर फोकस

गाँव मंच डेस्क जयपुर, 12 फरवरी। राज्य सरकार ने 2026–27 के लिए विकास केंद्रित बजट पेश किया है। बजट में सड़क सुरक्षा, पेयजल, ऊर्जा, शहरी विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और औद्योगिक निवेश पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने 2026–27 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 21 लाख करोड़ रुपये से आगे ले जाने और प्रति व्यक्ति आय 2 लाख रुपये से अधिक करने का लक्ष्य रखा है।

सड़क सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता

सबसे बड़ा फोकस सड़क नेटवर्क के विस्तार और सुरक्षा पर है। 16,430 किमी नई सड़कों के निर्माण पर 27,860 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही 20,000 किमी स्टेट हाईवे पर कार्य प्रस्तावित है।

ब्लैक स्पॉट खत्म करने की कार्रवाई जारी रहेगी। सड़क सुधार और मेंटेनेंस के लिए 1,400 करोड़ रुपये रखे गए हैं। बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा 11 BOT सड़कों के कायाकल्प पर 435 करोड़ और 15 नए ROB/RUB के निर्माण पर 920 करोड़ खर्च होंगे। 500 किमी नए पुल और बाईपास बनाए जाएंगे।

सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 2,000 नए CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इस पर 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ट्रैफिक प्रबंधन के लिए डिजिटल सिस्टम लागू किया जाएगा। सरकार ने 2027 तक सड़क दुर्घटनाओं में मौतों को 90% तक घटाने का लक्ष्य रखा है।

ड्राइविंग लाइसेंस के लिए CPR ट्रेनिंग अनिवार्य की जाएगी। 250 नई एम्बुलेंस जोड़ी जाएंगी। ट्रॉमा सेवाओं पर 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

आर्थिक विकास के दावे

सरकार के अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था पिछली सरकार की तुलना में 41% बढ़ी है। आगामी वित्त वर्ष में इसे 21 लाख करोड़ रुपये से अधिक ले जाने का लक्ष्य है। प्रति व्यक्ति आय 2 लाख रुपये से ऊपर पहुंचने का अनुमान है।

सामाजिक सुरक्षा पर बड़ा प्रावधान

91 लाख लोगों को 28,400 करोड़ रुपये की पेंशन दी जाएगी। कमजोर वर्गों को सीधी आर्थिक सहायता देने पर विशेष जोर रहेगा।

किसानों के लिए सहायता

किसान सम्मान निधि के तहत 10,900 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। सरकार ने कृषि को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

पेयजल और जल प्रबंधन

पेयजल परियोजनाओं पर 24,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 3 लाख नए नल कनेक्शन दिए जाएंगे। 6,500 गांवों को हर घर नल योजना से जोड़ा जाएगा।

600 नए ट्यूबवेल और 1,200 हैंडपंप लगाए जाएंगे। गर्मी में जल संकट से निपटने के लिए प्रत्येक कलेक्टर को 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब की शुरुआत भी होगी।

टोंक जिले में 650 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना लागू होगी। यहां 1,200 नए हैंडपंप लगाए जाएंगे।

ऊर्जा और जलवायु नीति

राज्य में पहली समग्र जलवायु नीति लागू की जाएगी। ऊर्जा क्षेत्र में 2 लाख करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य है। 1,400 मेगावाट के सौर संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।

1.30 लाख घरों में रूफटॉप सोलर लगाए जाएंगे, जिससे 518 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा। 379 नए सबस्टेशन स्थापित होंगे। बिजली तंत्र की AI आधारित मॉनिटरिंग की जाएगी।

जयपुर और शहरी विकास

जयपुर शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रैफिक सुधार के लिए 1,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त 3,000 करोड़ रुपये से शहरों का कायाकल्प किया जाएगा।

7 लाख नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। ड्रेनेज सिस्टम के लिए 1,020 करोड़ रुपये का प्रावधान है। सभी संभाग मुख्यालयों को सिग्नल फ्री बनाने की योजना है।

जयपुर में बाढ़ नियंत्रण के लिए 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

आवास और औद्योगिक विकास

28 लाख परिवारों के घर स्वीकृत किए गए हैं। औद्योगिक क्षेत्रों के विकास पर 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

डायरेक्ट अलॉटमेंट पॉलिसी दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी। 350 करोड़ रुपये से ‘प्लग एंड प्ले’ सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

DMIC के तहत जोधपुर–पाली–मारवाड़ औद्योगिक हब विकसित होगा। नए इंडस्ट्रियल पार्क और लॉजिस्टिक हब भी बनाए जाएंगे।

युवाओं और शिक्षा पर फोकस

युवाओं को 10 लाख रुपये तक का ब्याज-रहित बिजनेस लोन दिया जाएगा। 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को 20,000 रुपये का ई-वाउचर मिलेगा।

500 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू की जाएगी। हर जिले में ‘स्कूल ऑन व्हील्स’ संचालित होगा। AI लैब और STEM शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा।

150 कॉलेजों में आत्मरक्षा केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

‘राज सुरक्षा’ योजना के तहत एक्सीडेंट रिस्पॉन्स और टेली-थ्रोम्बोलिसिस सेवा शुरू होगी। CHC स्तर पर हार्ट अटैक का इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

औसत आयु 77 वर्ष से अधिक करने का लक्ष्य है। जिला अस्पतालों में मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर नियुक्त किए जाएंगे। SMS में मेंटल हेल्थ एक्सीलेंस सेंटर बनेगा।

RUHS में पीडियाट्रिक ICU और 200 बेड IPD की सुविधा विकसित होगी। अस्पतालों में फायर सिस्टम पर 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

‘मोक्ष वाहिनी’ सेवा के तहत मृतकों के शव को मुफ्त घर पहुंचाया जाएगा।

महिला, बाल और श्रमिक कल्याण

7,500 आंगनबाड़ी केंद्र ‘नंद घर’ में बदले जाएंगे। 17,895 केंद्रों को बिजली कनेक्शन मिलेगा। 24 घंटे AI आधारित मेंटरिंग सेवा शुरू होगी।

सहरिया और कथौड़ी परिवारों को 1,200 रुपये प्रति माह DBT के जरिए दिए जाएंगे। ‘श्रम सेतु’ ऐप के माध्यम से डिजिटल लेबर चौक की सुविधा मिलेगी।

पर्यटन और एविएशन

5,000 करोड़ रुपये का पर्यटन मेगा प्लान लागू होगा। जैसलमेर में अल्ट्रा लग्जरी टूरिज्म जोन विकसित किया जाएगा।

शेखावाटी की हवेलियों को UNESCO सूची में शामिल कराने की तैयारी की जाएगी। 60,000 बुजुर्गों को मुफ्त तीर्थ यात्रा और 10,000 को हवाई यात्रा की सुविधा दी जाएगी।

भरतपुर में 100 करोड़ रुपये का कन्वेंशन सेंटर बनेगा।

सीकर, झुंझुनू और भरतपुर-डीग क्षेत्र में एयरपोर्ट के लिए व्यवहार्यता अध्ययन होगा। सवाई माधोपुर और बांसवाड़ा में पायलट ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

आईटी और ई-गवर्नेंस

ई-मित्र की 100 सेवाएं अब व्हाट्सऐप पर उपलब्ध होंगी। सभी नगर निकायों में स्मार्ट सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पेपरलेस गवर्नेंस और डेटा सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा।

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