गाँव मंच डेस्क मुंबई, 13 फरवरी। भारतीय शेयर बाजार में आज भारी गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 900 अंक टूट गया और निफ्टी अपने महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल से नीचे बंद हुआ। कमजोर वैश्विक संकेत, अमेरिकी बाजारों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने घरेलू बाजार पर दबाव डाला।
वैश्विक और घरेलू कारण
एशियाई बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट का असर भारतीय बाजार पर देखा गया। डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मुद्रास्फीति के आंकड़े निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली बाजार में सबसे बड़ा दबाव रही।
साथ ही, आगामी बजट और सरकारी नीतियों के संकेतों ने बाजार की दिशा पर असर डाला। निवेशक आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक वित्तीय संकेतों को ध्यान में रखते हुए अपनी गतिविधियों को समायोजित कर रहे हैं।

प्रभावित सेक्टर
आज आईटी, बैंकिंग और मेटल सेक्टर में सबसे अधिक बिकवाली देखी गई। दिग्गज कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखा गया। वित्तीय सेवाओं, रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर के शेयरों में भी कमजोरी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट का मुख्य कारण विदेशी निवेशकों द्वारा मुनाफा बुक करना और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता रही।
निवेशकों की गतिविधि
बाजार में गिरावट के दौरान निवेशकों ने सतर्कता दिखाई। खरीद-बिक्री के पैटर्न में बदलाव आया और कई निवेशक तात्कालिक उतार-चढ़ाव के अनुसार अपनी रणनीति बदल रहे थे।

बाजार के संकेत
आज के कारोबारी सत्र में, सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में आईटी और बैंकिंग सेक्टर में अधिक दबाव रहा। मेटल और ऑटो शेयरों में भी गिरावट देखी गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में उतार-चढ़ाव अधिक रहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में वैश्विक बाजार की दिशा, अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और विदेशी निवेश प्रवाह भारतीय बाजार की चाल तय करेंगे। डॉलर की मजबूती, तेल की कीमत और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते भी निवेशकों की गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं।
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