गाँव मंच डेस्क जयपुर, 13 फरवरी। नई दिल्ली में नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अर्बन रियल एस्टेट कॉन्क्लेव में राजस्थान सरकार की अफोर्डेबल हाउसिंग, गुणवत्ता सुधार और स्किल विकास योजनाओं को व्यापक सराहना मिली।
राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की प्रमुख पहलों का परिचय
कॉन्क्लेव में राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की कमिश्नर डॉ. रश्मि शर्मा ने आवास निर्माण में गुणवत्ता, समयबद्ध डिलीवरी और श्रमिक प्रशिक्षण को प्राथमिकता बताते हुए बोर्ड की प्रमुख पहलों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मंडल ने विभिन्न आय वर्गों के लिए गुणवत्तापूर्ण आवास विकसित करने के साथ-साथ उन्हें समय पर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं।
डॉ. शर्मा ने कहा, “हमने नए कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए हैं। स्किलिंग हर स्तर पर आवश्यक है। क्वालिटी चेक हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। हमने अपने पेमेंट सिस्टम को भी क्वालिटी से जोड़ा है ताकि उच्च मानक सुनिश्चित किए जा सकें। हमारा उद्देश्य सिर्फ मकान बनाना नहीं, बल्कि लोगों के सपनों का घर बनाना है।”

ट्रांजिट ओरियंटेड डेवलपमेंट और शहरी मोबिलिटी
सतत विकास और ट्रांजिट ओरियंटेड डेवलपमेंट (TOD) पर आयोजित परिचर्चा में जयपुर विकास प्राधिकरण के सचिव निशांत जैन ने शहरी विकास में ट्रांजिट और कॉरिडोर आधारित एप्रोच पर प्रस्तुति दी। उन्होंने राजस्थान सरकार द्वारा हाल ही में जारी TOD नीति की मुख्य विशेषताओं पर चर्चा की।
जैन ने बताया कि जयपुर में जेडीए के ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड के माध्यम से शहरी मोबिलिटी सुधारने के लिए कॉरिडोर आधारित मॉडल लागू किया जा रहा है। यह मॉडल शहर में आवागमन को बेहतर बनाने और सतत विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
रियल एस्टेट सेक्टर के लिए नीतिगत सुझाव
कॉन्क्लेव में नारेडको के प्रेसिडेंट प्रवीण जैन ने कहा कि रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर को ऐसी नीतियों की जरूरत है जो इंडस्ट्री को सहारा दें। उन्होंने बताया कि इससे अगले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय GDP में रियल एस्टेट का योगदान दोगुना हो सकता है। जैन ने यह भी कहा कि शहरी भारत के विकास पर फोकस तभी ग्रामीण इलाकों तक इसका फायदा पहुंचा सकता है।
राजस्थान में पंचायतों, ग्राम सभाओं और ग्रामीण योजनाओं से जुड़ी ताज़ा खबरें गाँव मंच के पंचायत सेक्शन में भी उपलब्ध हैं।


