गाँव मंच जोधपुर, 22 मई। जोधपुर जिले की ग्राम पंचायत बीसलपुर में महिला उत्पादक समूहों के गठन और ग्रामीण आजीविका संवर्धन को लेकर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें कृषि की आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है। कार्यक्रम में रणबंका ट्रस्ट (राजस्थान) की निदेशक श्रीमती श्वेता कुमारी और श्री कार्तिकेय सिंह राठौड़ विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर बीसलपुर गांव की सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया और सरकारी योजनाओं के जरिए स्वावलंबन की राह को समझा।

₹23.50 लाख की लागत से स्थापित होगी प्रसंस्करण इकाई
कार्यशाला के दौरान ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं, जो इस प्रकार हैं:
- मांग आधारित प्रसंस्करण इकाई: राजस्थान जल क्षेत्र आजीविका सुधार परियोजना के अंतर्गत बीसलपुर में ₹23.50 लाख की लागत से एक मांग आधारित प्रसंस्करण इकाई (Processing Unit) स्थापित की जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर कृषि उत्पादों की वैल्यू एडिशन (Value Addition) हो सकेगी और महिलाओं को गाँव में ही रोजगार मिलेगा।
- सब्जी उत्पादन को बढ़ावा: क्षेत्र में सब्जी उत्पादन की उन्नत तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए ‘महिला हितकारी समूह’ का गठन किया गया है।
- ₹60,000 मूल्य की सब्जी किट: इस समूह के अंतर्गत आने वाली प्रत्येक महिला कृषक को आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए ₹60,000 मूल्य की सब्जी किट पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की जाएगी।

सरकारी योजनाओं का प्राथमिकता से मिलेगा लाभ
रणबंका ट्रस्ट की निदेशक श्रीमती श्वेता कुमारी और श्री कार्तिकेय सिंह राठौड़ ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए ग्रामीण महिलाओं के कौशल विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनकी इच्छा और हुनर के अनुसार रोजगार से जोड़ने के लिए एक व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
“हमारा प्रयास है कि ग्रामीण महिलाओं को केंद्र और राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिलाया जा सके, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त होकर अपने परिवार और समाज के विकास में मुख्य भूमिका निभा सकें।”
इस कार्यशाला के बाद बीसलपुर और आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों की महिला किसानों में आधुनिक सब्जी उत्पादन और नए रोजगार को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।
- राजस्थान में चल रही जल क्षेत्र आजीविका सुधार परियोजनाओं, बजट आवंटन और कृषि विकास से जुड़े आधिकारिक दिशा-निर्देशों के लिए जल संसाधन विभाग, राजस्थान सरकार के वेब पोर्टल पर विजिट करें।
- महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (SHGs), ग्रामीण आजीविका मिशन और वित्तीय सहायता की विस्तृत जानकारी के लिए राजीविका (RGAVP) – राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
राजस्थान में पंचायतों, ग्राम सभाओं और ग्रामीण योजनाओं से जुड़ी ताज़ा खबरें गाँव मंच के किसान सेक्शन में भी उपलब्ध हैं।
नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।


