गावं मंच जयपुर, 23 मई । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल और बजट घोषणा के अनुरूप जयपुर में राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज जयपुर (RIMS) की स्थापना को लेकर सरकार मिशन मोड में जुट गई है। शनिवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर की अध्यक्षता में स्वास्थ्य भवन में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) को ‘रिम्स’ के रूप में एक अत्याधुनिक, स्वायत्त और विश्वस्तरीय चिकित्सा व अनुसंधान संस्थान के रूप में विकसित करने के लिए प्रशासनिक, तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया।

AI और रोबोटिक तकनीक से लैस होगा नया संस्थान
चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्री बाबू लाल गोयल और आरयूएचएस के कुलगुरु श्री प्रमोद येवले ने बताया कि रिम्स को पूरी तरह से पोस्ट ग्रेजुएट और क्वाटरनरी रेफरल इंस्टीट्यूट के रूप में विकसित किया जा रहा है:
- अत्याधुनिक सुविधाएं: इस संस्थान में डिजिटल हेल्थ सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित जांच सुविधाएं और रोबोटिक सर्जरी जैसी उन्नत तकनीकों का समावेश किया जाएगा।
- रिसर्च पर फोकस: एम्स (AIIMS) दिल्ली की तर्ज पर यह संस्थान उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में वैश्विक स्तर के शोध और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनेगा।

मानव संसाधन बढ़ाने के लिए बनेगी 3 विशेषज्ञों की कमेटी
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रिम्स से जुड़े सभी निर्माण और तकनीकी कार्यों को तय टाइमलाइन के भीतर चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने आरयूएचएस अस्पताल में स्टाफ और मानव संसाधन की कमी को तुरंत दूर करने के लिए तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक विशेष कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं।
“राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर और उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। रिम्स की स्थापना चिकित्सा शिक्षा और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के क्षेत्र में राजस्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगी।” — गजेन्द्र सिंह खींवसर, चिकित्सा मंत्री
SMS सहित अन्य बड़े अस्पतालों पर कम होगा मरीजों का भार
चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि आरयूएचएस अस्पताल में पिछले कुछ समय में ओपीडी (OPD) और आईपीडी (IPD) में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। यहाँ कई नई सुपर स्पेशलिटी सेवाएं और एडवांस डायग्नोसिस शुरू किए जा चुके हैं। रिम्स के पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल सहित जयपुर के अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों पर मरीजों का अत्यधिक भार कम होगा और गंभीर रोगियों को स्थानीय स्तर पर ही सर्वोत्तम इलाज मिल सकेगा।

इस उच्चस्तरीय बैठक में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी, चिकित्सा शिक्षा विभाग की अतिरिक्त निदेशक डॉ. रश्मि गुप्ता सहित एम्स दिल्ली और देश के विभिन्न प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञ और स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य उपस्थित रहे।
- राजस्थान में चिकित्सा शिक्षा, नए सुपर स्पेशियलिटी विंग्स की स्वीकृतियों और स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट घोषणाओं की आधिकारिक जानकारी के लिए चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, राजस्थान सरकार के वेब पोर्टल पर जाएं।
- आरयूएचएस अस्पताल की वर्तमान ओपीडी सेवाओं, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और शैक्षणिक पाठ्यक्रमों से जुड़े अपडेट्स के लिए राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) की आधिकारिक वेबसाइट विजिट करें।
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नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।


