गावं मंच जयपुर, 29 मई। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर डेयरी के सरस पार्लर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (जयपुर डेयरी) द्वारा बीते दो वर्षों में हासिल की गई अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धियों की जमकर सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर डेयरी ने न केवल आर्थिक मोर्चे पर नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं, बल्कि पर्यावरण प्रबंधन, जल संरक्षण और पशुपालक कल्याण की दिशा में भी देश के सामने एक बेहतरीन मॉडल पेश किया है।
जयपुर डेयरी की 5 सबसे बड़ी और उल्लेखनीय उपलब्धिया
1. वित्तीय सुदृढ़ीकरण: टर्नओवर पहुंचा ₹4000 करोड़
बीते दो वर्षों में जयपुर डेयरी ने अपनी मजबूत आर्थिक नीतियों के दम पर वित्तीय ढांचे को बेहद मजबूत किया है:
- दोगुना हुआ प्रॉफिट: डेयरी का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट) लगभग दोगुना होकर ₹350 करोड़ से अधिक हो गया है।
- फंड में भारी बढ़ोतरी: डेयरी का कुल कॉर्पस फंड ₹400 करोड़ से सीधे बढ़कर अब ₹800 करोड़ तक पहुँच गया है।
- ऐतिहासिक टर्नओवर: जयपुर डेयरी का वार्षिक टर्नओवर अब ₹4000 करोड़ के जादुई स्तर को छू चुका है।

2. दोगुनी हुई दूध प्रोसेसिंग क्षमता
उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग को देखते हुए डेयरी ने अपने प्लांट का आधुनिकीकरण किया है। इसके तहत दूध की प्रोसेसिंग क्षमता को 10 लाख लीटर प्रति दिन से बढ़ाकर अब 20 लाख लीटर प्रति दिन कर दिया गया है। इसके अलावा बाजार में पैठ बढ़ाने और पशुपालकों को दूध का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए 35 नए वैल्यू-ऐडेड प्रोडक्ट (Value-Added Products) लॉन्च किए गए हैं।
3. ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण: 6 लाख लीटर पानी का री-यूज
- जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD): पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए डेयरी ने जेडएलडी सिस्टम लागू किया है। इसके माध्यम से 6 लाख लीटर पानी प्रतिदिन री-साइकिल (उपचारित) कर दोबारा उपयोग में लाया जा रहा है। इसी उपचारित जल की सप्लाई जयपुर के जवाहर सर्किल, MNIT कैंपस और जलधारा पार्क को की जा रही है।
- सोलर व बायो-गैस पर जोर: डेयरी से जुड़ी 1,000 सहकारी समितियों पर 8 मेगावाट (MW) क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए गए हैं। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले 6 महीनों में 600 बायो फ्लेक्सी (गोबर गैस) प्लांट लगाए जा चुके हैं, जबकि आगामी लक्ष्य 10,000 प्लांट लगाने का है।
4. चिली में मिला अंतरराष्ट्रीय नॉमिनेशन
जयपुर डेयरी की गुणवत्ता और प्रबंधन की गूंज अब वैश्विक स्तर पर सुनाई दे रही है। विश्व डेयरी फेडरेशन (World Dairy Federation) द्वारा चिली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में जयपुर डेयरी को अमेरिका के साथ अंतरराष्ट्रीय नॉमिनेशन मिला है। यह राजस्थान और पूरे भारत के सहकारिता क्षेत्र के लिए एक गर्व का क्षण है।
5. सामाजिक सरोकार: बेटियों के लिए ‘मायरा योजना’
“पशुपालकों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए जयपुर डेयरी ने एक बेहद संवेदनशील पहल की है। डेयरी से जुड़े पशुपालक परिवारों की बेटियों की शादी के लिए ₹21,000 की ‘मायरा योजना’ लागू की गई है। इस कल्याणकारी योजना के अंतर्गत अब तक 900 से अधिक बेटियों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें संबल दिया जा चुका है।” — प्रशासनिक रिपोर्ट, जयपुर डेयरी
- सरस दूध, घी, पनीर की शुद्धता जांच, नई डिस्ट्रीब्यूटरशिप (एजेंसी) नीतियों और डेयरी की अन्य लोक-कल्याणकारी योजनाओं के लिए जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (जयपुर डेयरी) के आधिकारिक वेब पोर्टल पर विजिट करें।
- राजस्थान में श्वेत क्रांति (White Revolution), गोपालन विभाग की योजनाओं और सरस ब्रांड के राज्यव्यापी नेटवर्क को समझने के लिए राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
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नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।


