- गांव मंच डेस्क, पुणे
- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री राम नाथ ठाकुर ने शुक्रवार को पुणे में ‘खेत बचाओ अभियान’ की प्रगति की समीक्षा की।
- सर्किट हाउस में हुई बैठक में अभियान की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
- साथ ही आगे की कार्ययोजना भी तय की गई। बैठक में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के वैज्ञानिक शामिल रहे।
- बैठक में किसानों तक योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही खेती से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान पर भी विचार किया गया।
मिट्टी बचाने और प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील
- बैठक के दौरान राम नाथ ठाकुर ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए जागरूक करने की जरूरत बताई।
- उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों का अंधाधुंध उपयोग खेतों की उर्वरता को धीरे-धीरे कम कर देता है।
- इसलिए संतुलित खाद, जैविक विकल्प और वैज्ञानिक खेती आज समय की जरूरत हैं।
- इसके आधार पर ही उर्वरकों का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे खेती की लागत भी घटेगी और उत्पादन भी बेहतर होगा।

पूरे जून चला ‘खेत बचाओ अभियान’
- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 1 जून से 30 जून तक देशभर में ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाया।
- इस अभियान का उद्देश्य मिट्टी संरक्षण, प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देना है।
- किसानों को मिट्टी परीक्षण, सॉयल हेल्थ कार्ड, जीवामृत, बीजामृत, हरी खाद, जैविक खाद और समेकित पोषक तत्व प्रबंधन की जानकारी दी गई।
- कई स्थानों पर खेतों में व्यावहारिक प्रदर्शन भी किए गए। हजारों किसानों ने इन कार्यक्रमों में भाग लिया।
अधिकारियों की सराहना
- बैठक में महाराष्ट्र के कृषि आयुक्त सूरज मांधरे, एटीएमए के निदेशक सुनील बोरकर।
- एटारी के निदेशक डॉ. एस. के. रॉय समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
- अभियान के दौरान सामने आई स्थानीय समस्याओं की भी समीक्षा की गई।
- साथ ही सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर सहमति बनी। राम नाथ ठाकुर ने महाराष्ट्र के कृषि अधिकारियों और वैज्ञानिकों के कार्य की सराहना की।
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Edited by- Krishika Agarwal


