गाँवमंच डेस्क, जयपुर ।
- अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर ऑल इंडिया कोऑपरेटिव बैंक
- एम्प्लाइज फेडरेशन (एआईसीबीईएफ) के राष्ट्रीय आह्वान पर शनिवार को देशभर में सहकारी बैंक कर्मियों ने ‘मांग दिवस’ मनाया।
- इस दौरान सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी
- और आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और
- नाबार्ड के समक्ष विभिन्न मांगें रखी गईं।
देशभर में सहकारी बैंक कर्मियों ने मनाया मांग दिवस
- ऑल इंडिया कोऑपरेटिव बैंक एम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा
- ऑल राजस्थान कोऑपरेटिव बैंक एम्प्लाइज यूनियन एवं ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रांतीय महासचिव
- सूरज भान सिंह आमेरा ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस को देशभर के सहकारी बैंक
- और पैक्स कर्मचारियों ने मांग दिवस के रूप में मनाया। उनका कहना था
- कि सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत बनाकर किसानों को बेहतर वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है।
योग्य एमडी की नियुक्ति सहित कई प्रमुख मांगें उठीं
- आमेरा ने कहा कि सहकारी बैंकों में योग्य एवं उपयुक्त प्रबंध निदेशक (एमडी) की नियुक्ति आरबीआई
- के ‘फिट एंड प्रॉपर’ मानदंडों के अनुसार की जानी चाहिए। इसके साथ ही पैक्स से लेकर अपैक्स बैंक
- तक प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने, भूमि विकास बैंकों के आर्थिक
- पुनरुत्थान और किसानों को समय पर पर्याप्त फसली ऋण उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
डिजिटल बैंकिंग और सहकारी क्षेत्र को मजबूत बनाने पर जोर
- मांग पत्र में सहकारी बैंकिंग प्रणाली के आधुनिकीकरण पर विशेष बल दिया गया।
- कर्मचारियों ने सभी सहकारी बैंकों में अत्याधुनिक डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं शुरू करने,
- पर्याप्त पूंजी सहायता उपलब्ध कराने, कृषि ऋण के लिए पुनर्वित्त सहायता बढ़ाने तथा
- सहकारी साख आंदोलन को और मजबूत करने की मांग की।
- इसके अलावा जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (सीसीबी) को अपैक्स बैंक में विलय कर
- एक मजबूत राज्य सहकारी बैंक का गठन करने तथा सीएमए एक्सपोजर मानदंडों की समीक्षा करने की भी मांग रखी गई।
कर्मचारियों के अधिकार और पेंशन योजना की मांग
- सहकारी बैंक कर्मचारियों ने सभी कर्मचारियों के लिए सुनिश्चित पेंशन योजना लागू करने,
- पूरे देश में एक समान सेवा नियम एवं वेतन संरचना लागू करने तथा ट्रेड यूनियन और
- कर्मचारी अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की।
- साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों में सहकारी बैंकों को मजबूत बनाने के लिए अलग परिचालन दिशानिर्देश तैयार करने का सुझाव भी दिया गया।
ऋण वसूली और पारदर्शिता पर भी दिया जोर
- मांग पत्र में जानबूझकर ऋण नहीं चुकाने वाले बकायादारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने और
- बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
- कर्मचारियों का मानना है कि इससे सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और किसानों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
सरकार, आरबीआई और नाबार्ड से शीघ्र समाधान की अपील
- सूरज भान सिंह आमेरा ने कहा कि यदि सहकारिता से समृद्धि के लक्ष्य को जमीनी स्तर पर साकार करना है
- तो सहकारी बैंकिंग क्षेत्र की इन मांगों पर गंभीरता से विचार करना आवश्यक है।
- उन्होंने केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, आरबीआई और नाबार्ड से इन मुद्दों के समाधान के लिए
- शीघ्र सकारात्मक कदम उठाने की अपील की।
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Edited by – Riddhima


