नई दिल्ली, जयपुर, 6 जुलाई।
- नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित सहकारिता मंत्रालय के 5वें स्थापना दिवस समारोह
- में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व
- में वर्ष 2021 में गठित सहकारिता मंत्रालय ने देश में “सहकार से समृद्धि” के मंत्र को नई दिशा दी है।
- उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन ने कृषि, ग्रामीण विकास, किसानों, पशुपालकों
- और महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अमित शाह ने कहा कि सहकारी संस्थाओं को तकनीक से जोड़ने के लिए ई-पैक्स प्रणाली विकसित की गई है, जिससे कार्य संचालन, अंकेक्षण और भुगतान प्रक्रिया पहले से अधिक पारदर्शी और आसान हुई है। डिजिटल भुगतान व्यवस्था के माध्यम से सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता बढ़ी है और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक जैविक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए भूमि संरक्षण को भी समय की आवश्यकता बताया।
समारोह में केंद्रीय मंत्री ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान का स्मरण किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 हटाकर उनके सपनों को साकार किया।

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित सहकारिता मंत्रालय के स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान की सहकारिता उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया।
राजस्थान में मजबूत हुआ सहकारिता आंदोलन
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह
- का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सहकारिता आज ग्रामीण भारत के आर्थिक
- सशक्तीकरण का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुकी है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में सहकारिता
- आंदोलन गांव-ढाणी तक पहुंच चुका है और राज्य में 42 हजार से अधिक
- सहकारी समितियों से 1.35 करोड़ से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं।
- मुख्यमंत्री ने बताया कि सहकार सदस्यता अभियान के तहत 8.90 लाख नए सदस्य सहकारी समितियों से जुड़े हैं।
- साथ ही राज्य सरकार प्रत्येक ग्राम पंचायत में सहकारी समिति स्थापित करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।
डेयरी सहकारिता से बदली ग्रामीण तस्वीर
- मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान का डेयरी सहकारिता मॉडल लाखों पशुपालकों के लिए आर्थिक मजबूती का आधार बना है।
- राज्य में घाटे में चल रहे डेयरी संघ अब लाभ में आ चुके हैं और 10 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड टर्नओवर हासिल किया गया है।
- राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन और जिला दुग्ध संघों से 9.40 लाख दुग्ध उत्पादक सदस्य जुड़े हैं,
- जिनमें 4.20 लाख से अधिक महिलाएं शामिल हैं। नए दुग्ध संग्रह केंद्रों और दुग्ध उत्पादक समितियों
- के गठन से दूध उत्पादन बढ़कर 45 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है।
ई-पैक्स में राजस्थान देश में अग्रणी
- मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रथम चरण में प्रदेश के 5,646 पैक्स का कम्प्यूटरीकरण कर उन्हें ई-पैक्स में परिवर्तित किया जा चुका है।
- इनके माध्यम से 10 करोड़ से अधिक ऑनलाइन लेनदेन हुए हैं, जो पूरे देश के कुल लेनदेन का लगभग एक-तिहाई हैं।
- उन्होंने बताया कि 4,875 पैक्स तीन या उससे अधिक व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं,
- जिनके माध्यम से कॉमन सर्विस सेंटर, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र,
- किसान उत्पादक संगठन तथा जन औषधि केंद्र जैसी सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं।
राजस्थान को मिली कई नई सौगातें
- समारोह के दौरान राजस्थान को 10 नए अन्न भंडारण गोदामों के शिलान्यास,
- 50 गोदामों के लोकार्पण तथा 100 गोदामों के राज्य भंडारण निगम को हस्तांतरण जैसी महत्वपूर्ण सौगातें मिलीं।
- इसके साथ ही जयपुर जिले के सुमेल गांव में 64 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाले
- “सहकार वन” का ई-भूमि पूजन भी किया गया। इस परियोजना के तहत खेजड़ी, नीम, रोहिड़ा सहित
- विभिन्न स्थानीय प्रजातियों के पौधे मियावाकी और पारंपरिक पद्धति से लगाए जाएंगे।
सहकारिता में तकनीकी नवाचारों को मिली नई गति
स्थापना दिवस समारोह में 50 हजार पैक्स को ई-पैक्स में परिवर्तित करने, राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पोर्टल 3.0, जियो टैग मोबाइल ऐप, एनडीडीबी मिल्क सप्लाई डैशबोर्ड, भारतीय बीज सहकारी समिति की नई सुविधाओं तथा विभिन्न सहकारी परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर सहकारिता मंत्रालय की पांच वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तकों का विमोचन तथा सहकारिता आधारित प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया।
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Edited by – Riddhima


