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किसानों के लिए खरीफ सीजन 2026 में क्या करें? कम बारिश में अपनाएं ये कृषि विशेषज्ञों की सलाह

गांव मंच डेस्क | जयपुर

देशभर में खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत किसानों के लिए आसान नहीं रही। अल नीनो (El Niño) के प्रभाव के कारण जून महीने में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई, जिससे कई राज्यों में खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हुई। जुलाई में कुछ क्षेत्रों में बारिश ने राहत जरूर दी है, लेकिन धान, सोयाबीन और कपास जैसी प्रमुख फसलों का रकबा अभी भी पिछले वर्ष की तुलना में कम है।

ऐसे समय में कृषि वैज्ञानिक किसानों को मौसम के अनुसार खेती की रणनीति बदलने की सलाह दे रहे हैं। सही फसल का चयन, वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर किसान नुकसान को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

कम पानी वाली फसलों को दें प्राथमिकता

  • यदि आपके क्षेत्र में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है और समय पर बुआई नहीं हो पाई है,
  • तो कम अवधि और कम पानी में तैयार होने वाली फसलों का चयन बेहतर रहेगा।
  • मक्का, बाजरा, मूंग, उड़द और तिल जैसी फसलें वर्तमान परिस्थितियों में किसानों के लिए अधिक उपयुक्त मानी जा रही हैं।
  • ये फसलें कम नमी में भी बेहतर उत्पादन देने की क्षमता रखती हैं। खरीफ सीजन किसान सलाह

कपास और सोयाबीन की देर से बुआई में रखें सावधानी

  • कृषि विशेषज्ञों के अनुसार जुलाई के मध्य या अंतिम सप्ताह में कपास और
  • सोयाबीन की बुआई करने पर उत्पादन में कमी आ सकती है। खरीफ सीजन किसान सलाह
  • यदि देर से बुआई करना मजबूरी हो, तो स्थानीय या देसी किस्मों का चयन करें।
  • साथ ही प्रति हेक्टेयर बीज की मात्रा सामान्य से 25 से 30 प्रतिशत अधिक रखें ताकि पौधों की पर्याप्त संख्या बनी रहे।

मिश्रित खेती से घटाएं जोखिम

  • एक ही फसल पर निर्भर रहने की बजाय इंटरक्रॉपिंग यानी मिश्रित खेती अपनाना बेहतर विकल्प हो सकता है।
  • उदाहरण के तौर पर कपास के साथ अरहर या ज्वार के साथ अरहर लगाने से यदि एक फसल मौसम की मार झेलती है
  • तो दूसरी फसल से आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सकती है।

सरकार भी कर रही है लगातार निगरानी

  • केंद्र सरकार ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में मानसून
  • और फसलों की स्थिति पर विशेष निगरानी शुरू की है।
  • प्रत्येक जिले के लिए डिस्ट्रिक्ट एग्रीकल्चर कंटिंजेंसी प्लान (DACP) तैयार किया गया है
  • ताकि मौसम के अनुसार किसानों को स्थानीय स्तर पर उचित सलाह दी जा सके।
  • इसके अलावा कृषि मंत्रालय एल नीनो मॉनिटरिंग सेल और क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप के माध्यम से मौसम
  • और फसलों की स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहा है।

फसल बीमा जरूर करवाएं

अनिश्चित मौसम को देखते हुए किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ अवश्य लेना चाहिए।

प्राकृतिक आपदा या मौसम की मार से फसल खराब होने की स्थिति में यह योजना किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।

कृषि विशेषज्ञों की सलाह लेकर ही करें बुआई

खेत में पर्याप्त नमी आने से पहले जल्दबाजी में बुआई करने से बचें।

अपने जिले के कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) और भारतीय मौसम विभाग

की ताजा सलाह के आधार पर ही खेती से जुड़े निर्णय लें।

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

https://mausam.imd.gov.in

https://agricoop.nic.in

Edited by – Deepanshu Kasera (Journalist)

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