गाँवमंच डेस्क जयपुर
जयपुर, 30 जुलाई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के 8 जिलों में स्थाई लोक अदालतों के गठन का अनुमोदन किया है। राज्य सरकार के इस निर्णय से आमजन को विवादों के समाधान के लिए त्वरित, सरल और किफायती न्याय व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।
- मुख्यमंत्री के अनुमोदन के अनुसार फलौदी, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, बाड़मेर, डीग, कोटपूतली-बहरोड़ तथा
- सलूम्बर में नई स्थाई लोक अदालतें स्थापित की जाएंगी।
आमजन को मिलेगा सुलभ न्याय
- राज्य सरकार का मानना है कि स्थाई लोक अदालतों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर ही अनेक विवादों का समाधान हो सकेगा।
- इससे लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया और अनावश्यक खर्च से राहत मिलेगी।
- लोक अदालतों में मामलों का निस्तारण आपसी सहमति और समझौते के आधार पर किया जाता है।
- इस व्यवस्था से पक्षकारों के बीच सौहार्दपूर्ण समाधान संभव होता है और न्याय प्राप्त करने में लगने वाला समय भी कम होता है।

समय और धन दोनों की होगी बचत
- स्थाई लोक अदालतें विशेष रूप से ऐसे मामलों के लिए उपयोगी मानी जाती हैं, जिनमें आपसी सहमति से समाधान संभव हो।
- इससे आम नागरिकों को अदालतों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी और समय तथा धन दोनों की बचत होगी।
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह निर्णय प्रदेश में सुगम, पारदर्शी और जनहितकारी न्याय व्यवस्था
- को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- नई अदालतों के शुरू होने से संबंधित जिलों के नागरिकों को स्थानीय स्तर पर ही
- अधिक प्रभावी न्यायिक सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। स्थाई लोक अदालत गठन
सुशासन और जनकल्याण पर सरकार का जोर
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में सुशासन को मजबूत करने के लिए प्रशासनिक और
- न्यायिक व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर लगातार जोर दिया है।
- स्थाई लोक अदालतों का विस्तार इसी सोच का हिस्सा माना जा रहा है,
- जिसके माध्यम से सरकार जनहितकारी सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
- नई अदालतों की स्थापना से संबंधित जिलों में रहने वाले हजारों लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
- इससे स्थानीय स्तर पर विवादों का समाधान तेज होगा और न्याय व्यवस्था में आमजन का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।
प्रदेश में न्यायिक सुधारों को मिलेगी गति
- कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि स्थाई लोक अदालतों की संख्या बढ़ने से वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली (Alternative Dispute Resolution) को प्रोत्साहन मिलेगा।
- यह व्यवस्था पारंपरिक मुकदमेबाजी की तुलना में अधिक तेज, कम खर्चीली और सौहार्दपूर्ण मानी जाती है।
- राजस्थान सरकार का यह कदम न्यायिक सुधारों को गति देने के साथ-साथ न्याय को जनता के द्वार तक पहुंचाने
- की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। स्थाई लोक अदालत गठन
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Edited by – Krishika Agarwal


