गाँवमंच डेस्क जयपुर
जयपुर, 30 जुलाई। अखिल राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री एसोसिएशन (आरतिया) ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि राजस्थान में उत्पादित जीरा और सौंफ को शीघ्र भौगोलिक संकेतक (GI Tag) दिलाने के लिए प्रभावी और त्वरित कार्रवाई की जाए। संगठन का कहना है कि राजस्थान की जलवायु और मिट्टी में उत्पादित जीरा एवं सौंफ अपनी विशिष्ट गुणवत्ता, स्वाद और सुगंध के कारण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अलग पहचान रखते हैं, इसलिए इन उत्पादों को उनका वास्तविक भौगोलिक अधिकार मिलना आवश्यक है।
इस विषय पर आयोजित एसोसिएशन की बैठक में विष्णु भूत, कमल कंदोई, आशीष सराफ, प्रेम बियानी, जसवंत मील, सज्जन सिंह, तपेश जैन, मधुसूदन शर्मा, श्रवण पारीक, हनीफ टांक, संजय शर्मा और एच.एम. जौहरी सहित कई पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में कहा गया कि जीरा और सौंफ केवल कृषि उत्पाद नहीं, बल्कि राजस्थान की पारंपरिक कृषि और व्यापारिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
किसानों और व्यापारियों की बढ़ी चिंता
- एसोसिएशन ने हाल ही में जीरा और सौंफ के जीआई टैग को लेकर सामने आई परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त की।
- पदाधिकारियों का कहना है कि यदि राजस्थान के पारंपरिक और
- प्रमुख कृषि उत्पादों को उनका वास्तविक भौगोलिक अधिकार नहीं मिला, तो इसका सीधा प्रभाव प्रदेश
- की कृषि अर्थव्यवस्था, किसानों की आय और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ेगा।
- आरतिया ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्य सरकार से आग्रह किया राजस्थान जीआई टैग कृषि उत्पाद
- कि इस विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वैज्ञानिक, ऐतिहासिक और भौगोलिक तथ्यों
- के आधार पर राजस्थान के जीरा और सौंफ के लिए जीआई टैग प्राप्त करने की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराया जाए।

अन्य कृषि उत्पादों को भी मिले पहचान
- एसोसिएशन ने कहा कि केवल जीरा और सौंफ ही नहीं, बल्कि इसबगोल, सरसों, बाजरा, मेहंदी, मैथी, मूंग, मोठ, तारामीरा
- और अजवाइन जैसे राजस्थान की विशिष्ट पहचान वाले कृषि उत्पादों के लिए भी जीआई टैग की प्रक्रिया प्रारंभ की जानी चाहिए।
- संगठन का मानना है कि इन उत्पादों को जीआई टैग मिलने से उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विशिष्ट पहचान
- प्राप्त होगी और राजस्थान के कृषि उत्पादों की ब्रांड वैल्यू में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। राजस्थान जीआई टैग कृषि उत्पाद
जीआई टैग से होंगे कई लाभ
- आरतिया के अनुसार जीआई टैग मिलने से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा, निर्यात को बढ़ावा मिलेगा
- और बाजार में नकली उत्पादों पर प्रभावी रोक लग सकेगी। राजस्थान जीआई टैग कृषि उत्पाद
- इससे राजस्थान के कृषि उत्पादों की वैश्विक प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता भी मजबूत होगी।
- विशेषज्ञों का मानना है कि जीआई टैग किसी उत्पाद को उसकी भौगोलिक उत्पत्ति से जोड़कर कानूनी संरक्षण प्रदान करता है।
- इससे उस क्षेत्र के उत्पादकों को आर्थिक लाभ मिलता है और उपभोक्ताओं को प्रमाणिक उत्पाद उपलब्ध हो पाते हैं।
राज्य सरकार से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद
- अखिल राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री एसोसिएशन ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार किसानों
- और व्यापारियों के हितों की रक्षा करते हुए इस महत्वपूर्ण विषय पर शीघ्र और सकारात्मक निर्णय लेगी।
- संगठन ने कहा कि राजस्थान के पारंपरिक कृषि उत्पादों को जीआई टैग दिलाना प्रदेश
- की कृषि विरासत, किसानों की समृद्धि और निर्यात क्षमता को नई दिशा देने वाला कदम साबित होगा।
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https://agriculture.rajasthan.gov.in
Edited by – Krishika Agarwal


