गांव मंच डेस्क, जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में मिशन मधुहारी राजस्थान तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह पहल टाइप-1 डायबिटीज से जूझ रहे बच्चों के लिए शुरू हुई है। इसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक इस बीमारी से होने वाली बच्चों की मृत्यु रोकना है। यह मॉडल अब देशभर में चर्चा का विषय बना है।
41 जिलों में 120 विशेष क्लीनिक
- राजस्थान में लगभग 53 हजार लोग टाइप-1 डायबिटीज से प्रभावित हैं। सरकार ने इस चुनौती को अवसर में बदला है।
- वर्तमान में 41 जिलों में 120 विशेष क्लीनिक संचालित हैं। अगले तीन महीनों में 80 नए क्लीनिक शुरू होंगे।
- अब तक 2,817 मरीजों का पंजीकरण हो चुका है। सभी मरीजों को मिशन मधुहारी ऐप से डिजिटल ट्रैक किया जा रहा है।
सर्वे से शुरू हुआ समाधान का सफर
- मार्च 2024 में स्वास्थ्य संस्थानों का मूल्यांकन किया गया। जून 2024 में पायलट परियोजना शुरू हुई। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और नागौर में इसकी शुरुआत हुई।
- बाद में इसे पूरे राज्य में विस्तार दिया गया। उपचार प्रणाली की कई कमियां सामने आईं।
- मिशन ने इन समस्याओं को व्यवस्थित तरीके से सुधारा।
निःशुल्क इंसुलिन और आधुनिक उपकरण

मधु नेत्र एआई से डायबिटिक रेटिनोपैथी की स्क्रीनिंग हो रही है।
इसकी सटीकता 90 प्रतिशत से अधिक बताई गई है। यह प्रणाली सात जिलों में सफलतापूर्वक लागू हो चुकी है।
https://health.rajasthan.gov.in
Edited by- Riddhima


