गांवमंच डेस्क, जयपुर। जयपुर सर्राफा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में हलचल देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल, डॉलर इंडेक्स और घरेलू मांग का असर स्थानीय बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। निवेशकों के साथ-साथ आभूषण खरीदने वाले उपभोक्ता भी आज के भाव पर नजर बनाए हुए हैं।
व्यापारियों के अनुसार त्योहारों और आगामी वैवाहिक सीजन को देखते हुए बाजार में खरीदारी का माहौल धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा है। हालांकि कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, इसलिए खरीदारी से पहले ताजा भाव जरूर जांचने की सलाह दी जा रही है।
जयपुर सर्राफा बाजार के आज के ताजा भाव
| धातु | प्रति 10 ग्राम / प्रति किलो भाव |
|---|---|
| 24 कैरेट सोना | ₹98,450 प्रति 10 ग्राम |
| 22 कैरेट सोना | ₹90,250 प्रति 10 ग्राम |
| 18 कैरेट सोना | ₹73,850 प्रति 10 ग्राम |
| चांदी | ₹1,11,500 प्रति किलो |
नोट: ये भाव जयपुर सर्राफा बाजार के औसत कारोबारी रेट के आधार पर तैयार किए गए हैं। अलग-अलग ज्वेलर्स के यहां मेकिंग चार्ज और जीएसटी के अनुसार कीमतों में अंतर हो सकता है।

सोने की कीमतों में क्यों आ रहा है बदलाव?
विशेषज्ञों के अनुसार सोने की कीमतों पर कई प्रमुख कारकों का प्रभाव पड़ता है:
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड फ्यूचर्स की चाल
- अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी
- केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीतियां
- घरेलू मांग और त्योहारों का सीजन
- भू-राजनीतिक परिस्थितियां
हाल के दिनों में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा है, जिससे सोने की कीमतों को समर्थन मिल रहा है।
चांदी में भी बनी हुई है मजबूती
चांदी के भाव में भी मजबूती बनी हुई है। औद्योगिक उपयोग और निवेश मांग दोनों के कारण चांदी की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ती मांग का असर चांदी के बाजार पर लगातार देखा जा रहा है।
खरीदारी करने वालों के लिए सलाह
यदि आप सोने या चांदी के आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- बीआईएस हॉलमार्क वाला आभूषण ही खरीदें।
- खरीदारी के समय बिल अवश्य लें।
- मेकिंग चार्ज और वेस्टेज अलग से जांचें।
- दैनिक भाव में बदलाव संभव है, इसलिए खरीदारी से पहले ताजा रेट की पुष्टि करें।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोना लंबे समय में सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन अल्पकालिक उतार-चढ़ाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। नियमित अंतराल पर छोटी मात्रा में निवेश करने की रणनीति जोखिम को कम करने में सहायक हो सकती है।
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Edited by – Krishika Agarwal


