गाँव मंच डेस्क, राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिली है। राजस्थान अत्याधुनिक रक्त संग्रहण वाहन योजना की शुरुआत हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 10 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाई। यह कार्यक्रम जयपुर में आयोजित हुआ।
दूर-दराज क्षेत्रों को मिलेगा बड़ा लाभ
- प्रदेश में हर वर्ष लगभग 9 लाख यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है। स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों से करीब 5 लाख यूनिट रक्त मिलता है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में रक्तदान सुविधाएं सीमित हैं।
- राजस्थान अत्याधुनिक रक्त संग्रहण वाहन अब इन क्षेत्रों तक पहुंचेंगे। इससे गांवों में भी आसानी से रक्तदान शिविर लग सकेंगे।
- जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त मिलने में सहायता मिलेगी।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं वाहन
- राज्य सरकार ने इन वाहनों पर 4.50 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इन्हें प्रदेश के 10 राजकीय ब्लड बैंकों को दिया गया है।
- वाहनों में कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं:
- 3 डोनर काउच
- 2 ब्लड कलेक्शन मॉनिटर
- ट्यूब सीलर
- 200 यूनिट क्षमता वाला रेफ्रिजरेटर
- ऑक्सीजन सिलेंडर
- डिजिटल थर्मामीटर
- एलईडी टीवी
- पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम
ये सुविधाएं रक्त संग्रहण को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएंगी।

राजस्थान में मजबूत हो रहा रक्तदान नेटवर्क
- राजस्थान में वर्तमान में 286 ब्लड बैंक संचालित हैं। इनमें 66 राजकीय ब्लड बैंक शामिल हैं।
- नई मोबाइल व्यवस्था से रक्त संग्रहण नेटवर्क और मजबूत होगा।






Edited by- Krishika Agarwal


