गाँव मंच डेस्क, नई दिल्ली में राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान डॉ. सतीश पूनियां राज्यसभा भाषण चर्चा का विषय बना। उन्होंने ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स बिल 2026 को न्यायिक व्यवस्था में बड़ा सुधार बताया। यह उनका राज्यसभा में पहला संबोधन था। उन्होंने कहा कि न्याय केवल मिलना पर्याप्त नहीं है। न्याय समय पर और निष्पक्ष भी मिलना चाहिए।
ट्रिब्यूनल सुधार क्यों जरूरी
- डॉ. पूनियां ने ट्रिब्यूनल व्यवस्था की मौजूदा चुनौतियां बताईं। उन्होंने कहा कि टैक्स, कंपनी, पर्यावरण और दूरसंचार जैसे क्षेत्रों में अलग-अलग ट्रिब्यूनल कार्यरत हैं।
- इन अधिकरणों में बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं।
- उन्होंने करीब 5.24 लाख लंबित मामलों का उल्लेख किया। इससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है।
नियुक्तियों में पारदर्शिता पर जोर
- डॉ. सतीश पूनियां राज्यसभा भाषण में नियुक्तियों की पारदर्शिता प्रमुख विषय रही। उन्होंने नेशनल ट्रिब्यूनल कमीशन को महत्वपूर्ण पहल बताया।
- उनके अनुसार समयबद्ध नियुक्तियां जरूरी हैं। लंबे समय तक रिक्त पद रहने से मामलों का निस्तारण धीमा पड़ता है।
- उन्होंने विशेषज्ञों की भागीदारी को भी आवश्यक बताया। तकनीकी और वित्तीय मामलों में विशेषज्ञ निर्णय अधिक प्रभावी हो सकते हैं।
नेशनल ट्रिब्यूनल ग्रिड से मिलेगी निगरानी

डॉ. पूनियां ने नेशनल ट्रिब्यूनल ग्रिड का भी उल्लेख किया। यह व्यवस्था लंबित और निस्तारित मामलों का डेटा उपलब्ध कराएगी। रिक्त पदों की जानकारी भी एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगी। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा। डेटा आधारित मूल्यांकन से नीतियां अधिक प्रभावी बन सकेंगी।
Edited by- Riddhima


