गाँव मंच डेस्क, नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने रक्षा शक्ति को विकसित भारत की अहम कुंजी बताया। यह लक्ष्य भारत की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़ा है। प्रधानमंत्री ने लाल किले से रक्षा क्षेत्र पर बात रखी। उन्होंने स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उनका संदेश आत्मनिर्भर भारत की सोच को आगे बढ़ाता है।
आत्मनिर्भर रक्षा बनेगी भारत की ताकत
- प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि भारत केवल बाजार बनकर नहीं रह सकता।
- देश को अपनी आधुनिक तकनीक खुद विकसित करनी होगी। इसमें ड्रोन और ड्रोन-रोधी प्रणालियां शामिल हैं।
- हाइपरसोनिक तकनीक में नेतृत्व की जरूरत भी बताई गई। इससे भारत की रणनीतिक क्षमता और मजबूत हो सकती है।
बदलते युद्ध के बीच नई तैयारी
- प्रधानमंत्री ने युद्ध के बदलते स्वरूप पर चिंता जताई। अब सुरक्षा चुनौतियां केवल सीमाओं तक सीमित नहीं हैं।
- साइबर हमले भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकते हैं। बैंकिंग और डेटा ढांचे पर भी खतरे बढ़ सकते हैं।
- इसलिए तकनीकी सुरक्षा को मजबूत करना जरूरी है।
नागरिक सुरक्षा में भी बढ़ेगी भागीदारी

प्रधानमंत्री ने नागरिक सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी। उन्होंने पुराने नागरिक सुरक्षा ढांचे को आधुनिक बनाने की बात कही। इसके लिए व्यापक स्वयंसेवी नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इस नेटवर्क से आपदा और आपात स्थितियों में मदद मिलेगी। आधुनिक प्रणालियों की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
Edited by- Krishika Agarwal


