गाँव मंच डेस्क, राजस्थान में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए स्थायी समाधान जरूरी हैं। अखिल राज्य ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आरतिया) ने सरकार से प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की है। एसोसिएशन के अनुसार उद्योगों से जुड़ी कानूनी, पर्यावरणीय और प्रक्रियागत अड़चनों को दूर करना जरूरी है।
उद्योगों के लिए सरकार बने फैसिलिटेटर
- एसोसिएशन ने कहा कि उद्यमी का मुख्य काम निवेश करना है। इसके साथ वह उद्योग चलाता है और रोजगार देता है।
- उद्यमी कर राजस्व में भी महत्वपूर्ण योगदान करता है। उसे लगातार विभागीय प्रक्रियाओं में उलझाना उचित नहीं है।
- अनुपालन की जटिलताओं से निवेश प्रभावित हो सकता है।

जोधपुर में सीईटीपी संचालन की समस्या
- आरतिया ने जोधपुर का उदाहरण देते हुए गंभीर चिंता जताई। एसोसिएशन के अनुसार 308 टैक्सटाइल इकाइयां बंद हुई हैं।
- इसकी प्रमुख वजह सीईटीपी संचालन से जुड़ी समस्या बताई गई है।
- यहां उद्योगों से निकलने वाले अवशिष्ट के निस्तारण का मुद्दा है।
सांगानेर में अवशिष्ट जल प्रबंधन चुनौती
- सांगानेर में भी अवशिष्ट जल का निस्तारण बड़ी चुनौती बना हुआ है। आरतिया के अनुसार 814 औद्योगिक इकाइयों को क्लोजर नोटिस मिले हैं।
- वहीं 65 इकाइयों को सीज किया गया है। एसोसिएशन ने स्थायी अवशिष्ट जल प्रबंधन व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया।
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Edited by- Krishika Agarwal


