Gaonmanch

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत रीको का बड़ा कदम, ईएमडी वापसी के नियमों में संशोधन

गांवमंच डेस्क, जयपुर। राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) ने प्रत्यक्ष आवंटन योजना-2025 के नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। नए प्रावधानों के तहत निवेशकों और उद्यमियों को आवेदन वापस लेने तथा जमा की गई ईएमडी राशि की वापसी को लेकर बड़ी राहत दी गई है। रीको का यह कदम ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करने और औद्योगिक भूखंड आवंटन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

निवेशकों को ईएमडी वापसी में मिली राहत

  • राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट के तहत औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने
  • के इच्छुक निवेशकों को कम लागत पर औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराने
  • के उद्देश्य से रीको ने प्रत्यक्ष आवंटन योजना-2025 शुरू की थी।
  • योजना के तहत आवेदन करते समय आवेदक को भूखंड के कुल देय
  • प्रीमियम की 5 प्रतिशत राशि ईएमडी के रूप में ऑनलाइन जमा करनी होती है।

आवेदन स्वीकृत होने के बाद सफल आवेदक को लेटर ऑफ ऑफर जारी किया जाता है। इसके बाद उसे 30 दिनों के भीतर निर्धारित राशि और जरूरी दस्तावेज जमा कराने होते हैं। पहले निर्धारित समय में राशि जमा नहीं करने पर ईएमडी जब्त करने और आवंटन का ऑफर लेटर स्वतः निरस्त होने का प्रावधान था।

अब नियमों में संशोधन कर आवेदकों को आवेदन वापस लेने का विकल्प दिया गया है।

आवेदन वापस लेने पर पूरी ईएमडी राशि होगी वापस

  • नए प्रावधान के अनुसार, यदि कोई आवेदक आवेदन की अंतिम तिथि तक अपना आवेदन वापस लेने
  • और जमा की गई ईएमडी राशि लौटाने का अनुरोध करता है,
  • तो उसकी पूरी ईएमडी राशि बिना किसी कटौती के वापस कर दी जाएगी।
  • यह प्रावधान उन निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो आवेदन करने के बाद
  • किसी कारणवश योजना में आगे भाग नहीं लेना चाहते हैं।
  • इससे निवेशकों के वित्तीय हितों की सुरक्षा के साथ प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।

गलत जानकारी या दस्तावेजों में अंतर होने पर भी राहत

  • रीको ने कुछ अन्य परिस्थितियों में भी ईएमडी वापसी का प्रावधान किया है।
  • प्रत्यक्ष आवंटन योजना के तहत यदि किसी आवेदन में गलत जानकारी दर्ज की गई हो
  • या प्रस्तुत एमओयू और आवश्यक दस्तावेजों में असमानता पाई जाती है
  • और संबंधित आवेदक लॉटरी प्रक्रिया में सफल घोषित हो जाता है,
  • तो संशोधित प्रावधान के अनुसार भूखंड के प्रीमियम की 0.5 प्रतिशत राशि की कटौती
  • के बाद शेष ईएमडी आवेदक को वापस की जाएगी।

इससे पहले योजना में ऐसी परिस्थितियों में ईएमडी वापस करने का प्रावधान उपलब्ध नहीं था। संशोधन के बाद निवेशकों को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित व्यवस्था मिलने की उम्मीद है।

31 दिसंबर 2026 तक लागू है योजना

  • रीको के प्रबंध निदेशक सुरेश कुमार ओला ने बताया कि प्रत्यक्ष आवंटन योजना
  • को निवेशकों और उद्यमियों के लिए अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और सरल बनाने
  • के लिए समय-समय पर आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं।
  • वर्तमान में योजना की वैधता 31 दिसंबर 2026 तक निर्धारित है।

राज्य सरकार के साथ निर्धारित अवधि में एमओयू निष्पादित करने वाले निवेशक, निर्धारित पात्रता शर्तों के अधीन इस योजना में भाग ले सकते हैं। नए संशोधनों का उद्देश्य औद्योगिक भूखंड आवंटन प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ निवेशकों के हितों का बेहतर संरक्षण सुनिश्चित करना है।

25 अगस्त तक आवेदन का मौका

  • वर्तमान में प्रत्यक्ष आवंटन योजना का 13वां चरण चल रहा है।
  • इस चरण में आवेदन करने और ईएमडी जमा कराने की अंतिम तिथि 25 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।
  • ऐसे में पात्र निवेशकों के पास योजना के तहत आवेदन करने के लिए सीमित समय है।
  • रीको के इन संशोधनों से औद्योगिक भूमि आवंटन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने के
  • साथ निवेशकों के लिए वित्तीय जोखिम कम होने की उम्मीद है।
  • यह कदम राजस्थान में निवेश को प्रोत्साहित करने और राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।


अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

https://riico.rajasthan.gov.in/

https://rajasthan.gov.in/

Edited by – Krishika Agarwal

Scroll to Top