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राजस्थान में पर्ल फार्मिंग ने बदली गौरव की जिंदगी, कमाए ₹55 लाख

गांव मंच डेस्क, राजस्थान के भरतपुर निवासी गौरव पचौरी की कहानी काफी प्रेरणादायक है। 30 साल के गौरव सरकारी नौकरी की तैयारी करते थे। उन्होंने कई सरकारी परीक्षाएं दीं। लेकिन उन्हें लगातार असफलताओं का सामना करना पड़ा। इसके बाद गौरव ने अपना रास्ता बदलने का फैसला किया। उन्होंने खेती में नया अवसर तलाशना शुरू किया।

सरकारी नौकरी के बाद चुना नया रास्ता

  • गौरव ने freshwater pearl farming को अपना व्यवसाय बनाया। उन्होंने पहले इस खेती को समझने की कोशिश की।
  • इसके लिए उन्होंने जरूरी जानकारी और प्रशिक्षण हासिल किया। इसके बाद उन्होंने पर्ल फार्मिंग शुरू करने का फैसला किया।
  • शुरुआत आसान नहीं थी। उन्हें खेती की नई तकनीक सीखनी पड़ी। साथ ही सीपियों की देखभाल भी करनी पड़ी।

21 महीने की मेहनत से मिली बड़ी सफलता

  • गौरव ने करीब 21 महीने तक लगातार मेहनत की। इस दौरान उन्होंने अपनी सीपियों की नियमित देखभाल की।
  • उन्होंने पानी की गुणवत्ता पर भी लगातार नजर रखी। धीरे-धीरे उनकी मेहनत का परिणाम दिखाई देने लगा।
  • सीपियों में मोती तैयार होने लगे। इसके बाद उन्होंने तैयार मोतियों को बाजार तक पहुंचाया।

राजस्थान में पर्ल फार्मिंग क्यों खास है?

राजस्थान में पर्ल फार्मिंग युवाओं के लिए नया विकल्प बन सकती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। युवा पारंपरिक खेती के साथ इसे अपना सकते हैं। यह खेती कम जमीन में भी शुरू की जा सकती है। हालांकि इसके लिए तकनीकी जानकारी बेहद जरूरी है।

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Edited by- Krishika Agarwal

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