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राजस्थान की संस्कृति और विरासत को मिलेगा बढ़ावा, गांवों के इतिहास का होगा संरक्षण

गाँव मंच डेस्क, जयपुर। राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत और लोककलाओं को नई पहचान देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण पहल प्रस्तावित हैं। इनका उद्देश्य कलाकारों को प्रोत्साहन देना और ग्रामीण पर्यटन बढ़ाना है। ग्राम विकास संकल्प पत्र में संस्कृति संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया है।

7 क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों से बढ़ेंगे अवसर

राजस्थान की लोककला, संगीत और पारंपरिक संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए सात क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र स्थापित करने की योजना है। कलाकारों को डिजिटल माध्यमों से जोड़ने पर भी जोर रहेगा। इसके लिए राजस्थानी आर्टिस्ट नेटवर्क ऐप विकसित करने की योजना है।

  • यात्रा में हरिद्वार, अयोध्या, काशी और सोमनाथ जैसे तीर्थ शामिल होंगे।
  • अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा भी प्रस्तावित है।
  • बुजुर्गों को आवास और भोजन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है।
  • इन पहलों का लक्ष्य राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना है।
  • विरासत संरक्षण के साथ पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

‘आपणो गाँव–आपणो इतिहास’ से संरक्षित होगी पहचान

गांवों की पहचान केवल उनकी भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं होती। उनकी परंपराएं, ऐतिहासिक घटनाएं और लोककथाएं भी महत्वपूर्ण हैं। इसी सोच के साथ ‘आपणो गाँव–आपणो इतिहास’ योजना प्रस्तावित है।

समृद्ध राजस्थान मेले से ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा

सरकार हर ग्राम पंचायत में ‘समृद्ध राजस्थान मेले’ आयोजित करने की योजना बना रही है। इन मेलों में स्थानीय संस्कृति और विरासत को प्रमुखता मिलेगी। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।

https://tourism.rajasthan.gov.in

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Edited by- Krishika Agarwal

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