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नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री जयपुर में, BUVM के मंच पर होंगे पूरे भारत के व्यापारी

गांव मंच डेस्क, दिल्ली/जयपुर। भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल (BUVM) की ओर से जयपुर में नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री 2026 आयोजित होगी। राष्ट्रीय सम्मेलन 10–11 जनवरी 2026 को जयपुर स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित होगा। इसके लिए बुधवार को मोतीडूंगरी गणेश जी को विधिवत निमंत्रण दिया गया था।

बीयूवीएम के सदस्य रहे मौजूद

बीयूवीएम (इण्डिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने गणेश जी के दर्शन कर सम्मेलन की सफलता की कामना की। कार्यक्रम में बीयूवीएम (इण्डिया) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामावतार अग्रवाल, बीयूवीएम राजस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेश सैनी, संरक्षक प्रेमप्रकाश गुप्ता मौजूद रहे। साथ ही कार्यकारिणी सदस्य किशोर नाजवानी, कैलाशचंद कायथवाल, मधुसूदन गर्ग तथा राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। मोतीडूंगरी गणेश मंदिर के महन्त पंडित कैलाश शर्मा ने सभी पदाधिकारियों को पटका ओढ़ाकर सम्मानित किया। सभी को आयोजन की सफलता हेतु शुभकामनाएं दीं।

देश के सभी राज्यों से प्रतिनिधि रहेंगे मौजूद

नेशनल कॉन्फ्रेंस में देशभर के सभी राज्यों से व्यापारी भाग लेंगे, वहीं राजस्थान के सभी जिलों और मंडियों से प्रतिनिधि शामिल होंगे। 10 जनवरी 2026 को पहले सत्र में “राजस्थान में निवेश प्रोत्साहन कार्यक्रम” प्रस्तावित है, जिसके उद्घाटन हेतु मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को आमंत्रित किया गया है। सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान वन नेशन–वन इलेक्शन पर तथा केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल व्यापार एवं उद्योग हित में लिए गए सरकारी निर्णयों पर उद्बोधन देंगे।

राष्ट्रीय मुद्दों का तय होगा खाका

सम्मेलन में GST, कृषि नीति, श्रम नीति, खाद्य सुरक्षा कानून और निर्यात संवर्धन जैसे मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। यह सम्मेलन भारत सहित राजस्थान में निवेश और व्यापारिक सुधारों के लिए निर्णायक साबित होगा। इस नेशनल कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य न केवल व्यापारिक समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना है। साथ ही उत्पादन बढ़ाने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने से जुड़े प्रस्ताव पारित करना भी है।

GST, कृषि नीति और निर्यात पर खास फोकस

बीयूवीएम (इण्डिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि कॉन्फ्रेंस के विभिन्न सत्रों में GST सुधार, राष्ट्रीय कृषि नीति, राष्ट्रीय श्रम नीति, राष्ट्रीय खनन नीति, उपभोक्ता मामलों की नीति, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) जैसे अहम विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी। भारत का कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र GDP में लगभग 18% योगदान देता है और निर्यात में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। ऐसे में यह सम्मेलन नीति सुधारों और व्यापारिक प्रस्तावों के लिए निर्णायक मंच बन सकता है।

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