Gaonmanch

आरएसएलडीसी और 100 मिलियन जॉब्स मिशन की बड़ी पहल:

राजस्थान में कंसोर्टियम साझेदारी से 3.5 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य

जयपुर, 6 जनवरी 2026।
राजस्थान में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए राजस्थान स्किल एंड लाइवलीहुड्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (RSLDC) ने सेंटर फॉर इनोवेशन इन पब्लिक पॉलिसी (CIPP) के नेतृत्व में कंपनियों के एक कंसोर्टियम के साथ 100 मिलियन जॉब्स मिशन के तहत मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी के माध्यम से राज्य में 3.5 लाख नई नौकरियों के सृजन का लक्ष्य रखा गया है। इस कंसोर्टियम में जेनरेशन इंडिया फाउंडेशन (GIF), हेड हेल्ड हाई फाउंडेशन (HHH) और सार्व सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं, जो राज्यभर में डिमांड-ड्रिवन स्किल डेवलपमेंट और ऑन-ग्राउंड इम्प्लीमेंटेशन के जरिए रोजगार के अवसर तैयार करेंगे।

वरिष्ठ नेतृत्व की मौजूदगी में हुआ MOU साइन

जयपुर में आयोजित साइनिंग सेरेमनी में आरएसएलडीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री ऋषव मंडल, डिप्टी जनरल मैनेजर सुनीता चौधरी, नैसकॉम के को-फाउंडर हरीश मेहता और टाई (TiE) के फाउंडर ए.जे. पटेल सहित पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के कई वरिष्ठ लीडर्स उपस्थित रहे। यह साझेदारी राजस्थान सरकार की उस दूरदृष्टि को आगे बढ़ाती है, जिसके तहत मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने वर्ष 2030 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

युवाओं, महिलाओं और एस्पिरेशनल जिलों पर विशेष फोकस

इस पहल का उद्देश्य मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज, डिजिटल और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे उभरते सेक्टर्स में स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार करना है। खास तौर पर युवाओं, महिलाओं और पहली बार नौकरी तलाशने वालों (NEET कैटेगरी) के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे।
इसके तहत प्रायोरिटी और एस्पिरेशनल जिलों में आईटीआई और टेक्निकल इंस्टीट्यूट्स के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर ट्रेनिंग कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। राजस्थान, जो क्षेत्रफल के हिसाब से देश का सबसे बड़ा और आबादी के लिहाज़ से सातवां सबसे बड़ा राज्य है, में लगभग 63 प्रतिशत वर्किंग-एज पॉपुलेशन है। हाल के वर्षों में राज्य ने डबल डिजिट आर्थिक विकास दर दर्ज की है, जिससे यह इन्वेस्टमेंट-लेड ग्रोथ को रोजगार में बदलने लिए एक मजबूत स्थिति में है।

क्या बोले नीति और उद्योग जगत के दिग्गज

आरएसएलडीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर ऋषव मंडल ने कहा कि यह सहयोग राज्य में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को मजबूत करते हुए आर्थिक विकास को स्थायी रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हेड हेल्ड हाई फाउंडेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी मदन पदाकी ने बताया कि यह पहल “पूरे जिले” के दृष्टिकोण से लोकल कैपेसिटी बिल्डिंग और कम सुविधा वाले युवाओं को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर केंद्रित है। जेनरेशन इंडिया फाउंडेशन के सीईओ अरुणेश सिंह ने कहा कि राजस्थान की युवा और गतिशील आबादी रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं रखती है और यह साझेदारी युवाओं को टिकाऊ नौकरियों तक पहुंच दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी। सार्व सॉल्यूशंस की फाउंडर प्रज्ञा पैठणकर ने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी में अग्रणी राजस्थान सोलर, ईवी और बैटरी सेक्टर में स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

राजस्थान बनेगा जॉब क्रिएशन का मॉडल

100 मिलियन जॉब्स मिशन का प्रतिनिधित्व कर रहे हरीश मेहता और ए.जे. पटेल ने इसे एक रिपीटेबल और स्केलेबल मॉडल बताया, जिसे भविष्य में देश के अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सकता है। सीआईपीपी के फाउंडर और सीईओ के. यतीश राजावत ने कहा कि यह साझेदारी आने वाले दशक में भारत में 100 मिलियन नेट जॉब्स के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है।

Scroll to Top