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निवर्तमान सरपंचों से मुख्यमंत्री संवाद, ग्राम पंचायतों को मजबूत करने का संदेश

गाँव मंच डेस्क जयपुर, 17 जनवरी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरपंच गांव की आवाज और ग्राम पंचायत शासन की पहली सीढ़ी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंचायतों के सशक्त होने से ही प्रदेश मजबूत होगा, क्योंकि विकास का मार्ग गांवों से होकर गुजरता है। मुख्यमंत्री ने यह बात शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रदेश के सातों संभागों के निवर्तमान सरपंचों के साथ संवाद कार्यक्रम के दौरान कही।

उन्होंने बताया कि सरपंच कोई पद नहीं, बल्कि सेवा और संकल्प का माध्यम है। गांव का हर नागरिक किसान सम्मान निधि, पेंशन, एमएसपी, पेयजल, बिजली, आवास, शौचालय निर्माण, सड़क, स्कूल, आंगनबाड़ी या स्वास्थ्य केंद्र जैसी जरूरतों के लिए सबसे पहले सरपंच की ओर उम्मीद लेकर आता है। सरकार की जनहितकारी योजनाओं का लाभ किस स्तर तक पहुंच रहा है, यह सरपंच बेहतर तरीके से जानता है। इसलिए उनका फीडबैक अत्यंत महत्वपूर्ण है।

ग्राम पंचायतों का सुदृढ़ीकरण और विकास योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और जवाबदेह पंचायतीराज व्यवस्था स्थापित करने के लिए ग्राम पंचायतों को मजबूत कर रही है। पंचायत भवनों के निर्माण और नवीनीकरण का कार्य किया जा रहा है, और प्रत्येक ग्राम पंचायत पर अटल ज्ञान केंद्र की स्थापना की जाएगी।

उन्होंने बताया कि नवगठित 8 जिलों में नई जिला परिषदों का गठन किया गया है। इसी प्रकार पंचायतीराज संस्थाओं के पुनर्गठन एवं नवसृजन के तहत 85 नई पंचायत समितियां और 3,417 नई ग्राम पंचायतें बनाई गई हैं। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने पर भी प्रशासक के तौर पर सरपंचों को नियुक्त किया गया ताकि उनके अनुभव का अधिकतम लाभ गांवों को मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना में सुधार कर विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) लागू किया गया है। इससे ग्रामीण विकास का नया रोडमैप तैयार होगा और रोजगार सृजन के अवसर बढ़ेंगे।

समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवा, महिला, गरीब और किसान सहित समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए कृतसंकल्पित है। युवाओं को निष्पक्ष भर्ती परीक्षाओं के माध्यम से रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। अब तक एक लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं और 1,44,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लाड़ो प्रोत्साहन योजना के तहत डेढ़ लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। किसानों को मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और पशुपालकों को गोपाल क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना तथा दूध पर 5 रुपये प्रति लीटर के अनुदान के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने निवर्तमान सरपंचों से अपील की कि वे केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाएं और अंतिम पंक्ति तक इनका लाभ सुनिश्चित करें। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत प्रशासकों ने विकास कार्यों और आगामी बजट के संबंध में सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन दिया कि महत्वपूर्ण सुझावों पर नियमानुसार उचित निर्णय लिए जाएंगे।

इस अवसर पर विधायक शत्रुघ्न गौतम, राजस्थान सरपंच संघ के प्रदेशाध्यक्ष बंशीधर गढ़वाल सहित बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों के निवर्तमान प्रशासक उपस्थित रहे।

ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों से संबंधित योजनाओं की जानकारी पंचायती राज विभाग की वेबसाइट पर देखी जा सकती है:
https://rajpanchayat.rajasthan.gov.in

राजस्थान में पंचायतों, ग्राम सभाओं और ग्रामीण योजनाओं से जुड़ी ताज़ा खबरें https://gaonmanch.com के पंचायत सेक्शन में भी उपलब्ध हैं।

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