गांव मंच डेस्क, दिल्ली। नरेंद्र मोदी के 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद भारतीय कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव आए हैं। सरकार ने किसानों को सशक्त बनाने, उत्पादन बढ़ाने, आय दोगुनी करने और आधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर दिया है। कृषि बजट पांच गुना बढ़ा, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई, और कई नई योजनाएं शुरू की गईं। इन प्रयासों से अनाज उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, निर्यात बढ़ा, और लाखों किसान सीधे लाभान्वित हुए।

प्रमुख बदलाव और उपलब्धियां
साल 2014 से कृषि क्षेत्र में डिजिटलीकरण, सिंचाई सुविधा, मिट्टी स्वास्थ्य और बाजार पहुंच पर फोकस बढ़ा। MSP पर खरीद कई गुना बढ़ी, दालों की खरीद 2009-2014 की तुलना में कई मिलियन टन अधिक हुई। सोलर एनर्जी और ड्रोन जैसी तकनीकों से किसान ‘उर्जादाता’ बन रहे हैं। प्राकृतिक खेती और जलवायु अनुकूल फसलों को प्रोत्साहन मिला। कुल मिलाकर, छोटे और सीमांत किसानों को ऋण, बीमा और प्रत्यक्ष सहायता में प्राथमिकता दी गई।किसान हितैषी प्रमुख योजनाएं और घोषणाएंमोदी सरकार ने कई नई योजनाएं शुरू कीं, जो किसानों की आय, सुरक्षा और उत्पादकता बढ़ा रही हैं:पीएम-किसान सम्मान निधि (2019 से): छोटे किसानों को सालाना 6000 रुपये सीधे खाते में। अब तक 21 किस्तें वितरित, करोड़ों किसान लाभान्वित।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: सस्ते प्रीमियम पर फसल नुकसान का पूर्ण कवरेज।
- सॉइल हेल्थ कार्ड योजना (2015 से): मिट्टी परीक्षण और सलाह, उर्वरक का सही उपयोग।
- पीएम कृषि सिंचाई योजना (PMKSY): ‘हर खेत को पानी’ और ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ से सिंचाई विस्तार।
- पीएम-कुसुम योजना: सोलर पंप और सोलर प्लांट, 20 लाख से अधिक किसानों को लाभ।
- ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार): ऑनलाइन मंडी, बेहतर दाम।
नई योजनाएं (2025): प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (24,000 करोड़) और दालों में आत्मनिर्भरता मिशन, कुल 35,440 करोड़ की घोषणा। प्राकृतिक खेती समिट और अन्य पहल। इनके अलावा किसान क्रेडिट कार्ड, एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और ऑयल पाम मिशन जैसी योजनाएं आत्मनिर्भरता बढ़ा रही हैं।भविष्य की दिशामोदी सरकार की नीतियां किसानों को आधुनिक, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने पर केंद्रित हैं। रिकॉर्ड उत्पादन, बढ़ता निर्यात और प्रत्यक्ष लाभ से किसान की आय और सम्मान में वृद्धि हुई है। ये प्रयास भारतीय कृषि को वैश्विक स्तर पर मजबूत बना रहे हैं।


