गांव मंच राजस्थान डेस्क। राजस्थान के नागौर जिले की पहचान अब सिर्फ रेगिस्तान तक सीमित नहीं रही। मारवाड़ की धरती पर उगने वाली नागौरी अश्वगंधा को केंद्र सरकार ने GI टैग प्रदान किया है। यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि देश के कुल अश्वगंधा उत्पादन का करीब 10 प्रतिशत हिस्सा अकेले नागौर से आता है।
राजस्थान का कृषि श्रेणी में दूसरा बड़ा GI टैग
सोजत की मेहंदी के बाद यह राजस्थान का कृषि श्रेणी में दूसरा बड़ा GI टैग है, जो प्रदेश की औषधीय खेती की ताकत को दर्शाता है। GI टैग मिलने के बाद अब नागौरी अश्वगंधा के नाम, गुणवत्ता और शुद्धता को कानूनी संरक्षण मिल गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मान्यता से औषधीय फसलों की खेती को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं का खेती की ओर रुझान बढ़ेगा किसानों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।


