गांव मंच डेस्क, जयपुर। राजस्थान के 29 केंद्रीय सहकारी बैंकों में स्टाफ समीक्षा शुरू हुई है। इसी बीच कर्मचारी यूनियन ने 13 सूत्रीय मांग पत्र दिया है। यूनियन ने आधुनिक बैंकिंग के लिए स्टाफ बढ़ाने की मांग की है। इसमें IT, रिस्क मैनेजर और विधि अधिकारी जैसे पद शामिल हैं।
2012-13 की स्टाफ व्यवस्था पर उठे सवाल
- ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक एम्पलाईज यूनियन ने ज्ञापन दिया।
- यह ज्ञापन स्टाफ स्ट्रेंथ कमेटी के अध्यक्ष को सौंपा गया। कमेटी का गठन रजिस्ट्रार सहकारी समितियां के आदेश से हुआ है।
- यूनियन के अनुसार वर्तमान स्टाफ स्ट्रेंथ काफी पुरानी है। यह व्यवस्था वर्ष 2012-13 के आंकड़ों पर आधारित है।
- यूनियन ने नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग की है। हर कर्मचारी को तीन पदोन्नति अवसर देने की मांग है।

स्टाफ की कमी से बढ़ रहा कर्मचारियों पर दबाव
- यूनियन महासचिव सूरज भान सिंह आमेरा ने मुद्दे उठाए। उन्होंने स्टाफ की कमी को बैंकिंग सुरक्षा से जोड़ा।
- उनके अनुसार इससे ग्राहक सेवा भी प्रभावित हो रही है। कम स्टाफ के कारण कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ता है।
- 2017-18 की समिति ने सहकारी बैंकों की HR जरूरतें देखी थीं। नाबार्ड ने पोस्ट-CBS दौर के लिए HR नीति सुझाई है।
नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग
- ज्ञापन में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग भी की गई है।
- यूनियन का कहना है कि निर्धारित भर्ती प्रक्रिया होने से कर्मचारियों की कमी को समय पर दूर किया जा सकेगा।
- नियमित भर्ती कैलेंडर से बैंकिंग संस्थाओं को भी अपनी मानव संसाधन जरूरतों के अनुसार पहले से योजना बनाने में मदद मिलेगी।
- इससे रिक्त पदों को लंबे समय तक खाली रखने की स्थिति से भी बचा जा सकता है।
स्टाफ स्ट्रेंथ कमेटी से उम्मीद
- स्टाफ स्ट्रेंथ कमेटी का गठन रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां के आदेश से किया गया है।
- ऐसे में यूनियन ने कमेटी के समक्ष कर्मचारियों से जुड़े इन मुद्दों को रखा है।
- अब कर्मचारियों की नजर कमेटी की आगामी कार्रवाई पर है। यूनियन को उम्मीद है कि कमेटी मौजूदा स्टाफ व्यवस्था की
- समीक्षा करते हुए बैंकिंग क्षेत्र की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप सुझाव देगी।
- सहकारी बैंकिंग व्यवस्था में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होना सीधे तौर पर बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता और कर्मचारियों के कार्यभार से जुड़ा विषय है।
- ऐसे में स्टाफ स्ट्रेंथ की समीक्षा और नियमित भर्ती व्यवस्था पर लिया जाने वाला निर्णय कर्मचारियों के साथ-साथ
- सहकारी बैंकिंग व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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Edited by- Krishika Agarwal


