गाँव मंच डेस्क, जयपुर: भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल (BMCH) जयपुर में प्रदेश का पहला ‘आरंभ’ लिविंग विल काउंसलिंग सेंटर शुरू हुआ। शनिवार को विश्व हॉस्पिस एवं पैलिएटिव केयर डे के अवसर पर इसकी शुरुआत की गई। इस पहल का उद्देश्य लोगों को अपनी चिकित्सा संबंधी इच्छाएं पहले से व्यक्त करने के लिए जागरूक करना है।
राज्यपाल ने किया पोस्टर का विमोचन
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसानराव बागडे ने ‘आरंभ’ लिविंग विल काउंसलिंग सेंटर के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने इस पहल को इच्छाओं के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। राज्यपाल ने कहा कि यह सेंटर लिविंग विल के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में मदद करेगा।

नवरतन कोठारी और अनिला कोठारी ने किया शुभारंभ
अस्पताल परिसर में सेंटर का शुभारंभ अध्यक्ष नवरतन कोठारी और वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिला कोठारी ने किया। इस अवसर पर अस्पताल के अधिशासी निदेशक मेजर जनरल एससी पारीक मौजूद रहे। चिकित्सा निदेशक डॉ. गीतांजलि अग्रवाल जोशी ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

क्या है लिविंग विल और क्यों है जरूरी?


- गंभीर बीमारी या जीवन के अंतिम चरण में चिकित्सा संबंधी निर्णय चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
- ऐसे समय में व्यक्ति अपनी बात स्पष्ट रूप से रखने में असमर्थ हो सकता है।
- ‘आरंभ’ सेंटर लोगों को पहले से अपनी इच्छाएं व्यक्त करने के लिए जागरूक करेगा।
- यह पहल मरीजों की गरिमा, स्वायत्तता और व्यक्तिगत इच्छाओं के सम्मान पर केंद्रित है।
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Edited by- Riddhima


