गाँव मंच डेस्क, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने नई चिंता जताई है। IMD ने अगस्त और सितंबर में अगस्त-सितंबर बारिश कमी का अनुमान दिया है। विभाग के अनुसार वर्षा सामान्य से 7 प्रतिशत कम रह सकती है। यह अनुमान कृषि और जल प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
IMD का ताजा अनुमान
- IMD के अनुसार मानसून सक्रिय रहेगा। हालांकि वर्षा का वितरण असमान हो सकता है।
- कई क्षेत्रों में सामान्य बारिश संभव है। कुछ राज्यों में बारिश कम हो सकती है। यही स्थिति अगस्त-सितंबर बारिश कमी की चिंता बढ़ाती है।

- केंद्र और राज्य सरकारें स्थिति पर नजर रख रही हैं। कृषि विभाग किसानों को फसल प्रबंधन सलाह जारी कर सकता है।
- जल संसाधन विभाग जल भंडारण की समीक्षा कर सकता है।
किसानों पर क्या असर पड़ेगा?
- बारिश कम रहने से मिट्टी की नमी घट सकती है। सिंचाई पर निर्भरता बढ़ सकती है।
- छोटे किसानों की लागत बढ़ने की आशंका है। वर्षा आधारित खेती वाले क्षेत्रों में ज्यादा चिंता है।
जलाशयों और पेयजल पर प्रभाव
- यदि अगस्त-सितंबर बारिश कमी बनी रहती है, तो जलाशयों में पानी कम पहुंच सकता है।
- इससे पेयजल और सिंचाई दोनों प्रभावित हो सकते हैं। कई राज्यों में पहले से जल संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है।
- मौसम आधारित कृषि योजना इस समय काफी उपयोगी मानी जाती है। वैज्ञानिक फसल विविधीकरण पर भी जोर दे रहे हैं।
Edited by- Krishika Agarwal


