गांवमंच डेस्क, जयपुर
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को जयपुर के एमआई रोड स्थित हैंडलूम स्टोर पहुंचकर विभिन्न हैंडलूम उत्पाद खरीदे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार के उपक्रम से खरीददारी कर “वोकल फॉर लोकल” का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाना केवल खरीददारी नहीं, बल्कि बुनकरों और कारीगरों के श्रम, परिश्रम और पसीने का सम्मान है। मुख्यमंत्री हैंडलूम खरीदारी जयपुर

प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान को आगे बढ़ाने की पहल
भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर देशवासियों से हैंडलूम उत्पादों को प्रोत्साहित करने और वोकल फॉर लोकल की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि हथकरघा उद्योग लाखों परिवारों की आजीविका का आधार है और राजस्थान के विभिन्न जिलों में बनने वाले पारंपरिक उत्पाद देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक अपनी पहचान बना चुके हैं। मुख्यमंत्री हैंडलूम खरीदारी जयपुर
बाड़मेर से सांगानेर और बगरू तक उत्पादों की वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाड़मेर, सांगानेर और बगरू जैसे क्षेत्रों के हैंडलूम और वस्त्र उत्पाद आज दुनिया के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच रहे हैं। इन उत्पादों में राजस्थान की लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और कारीगरों की रचनात्मकता की झलक दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों के पीछे कारीगरों की वर्षों की मेहनत और कौशल जुड़ा होता है, इसलिए हम सभी का दायित्व है कि स्थानीय उत्पादों को अपनाकर उन्हें आगे बढ़ाएं।
प्रदेशवासियों से की विशेष अपील
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने दैनिक जीवन में स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें ताकि छोटे कारीगर, बुनकर और दुकानदार आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
उन्होंने कहा कि “वोकल फॉर लोकल” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का जनआंदोलन है।
वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना से मिल रहा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ODOP) और पंच गौरव कार्यक्रम के माध्यम से प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों को प्रोत्साहित कर रही है।
इन योजनाओं के प्रमुख उद्देश्य हैं:
- स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना
- पारंपरिक कला और संस्कृति का संरक्षण
- बुनकरों और कारीगरों की आय बढ़ाना
- जिला आधारित अर्थव्यवस्था को नई दिशा देना
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
- विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उपभोक्ता स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देते हैं तो इससे
- ग्रामीण और कुटीर उद्योगों को बड़ा बाजार मिल सकता है।
- इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पारंपरिक हस्तशिल्प एवं हथकरघा उद्योग को स्थायी मजबूती मिलेगी।
मुख्य बिंदु एक नजर में
| पहल | उद्देश्य |
|---|---|
| हैंडलूम स्टोर से खरीदारी | वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा |
| स्थानीय उत्पाद अपनाने की अपील | कारीगरों और बुनकरों को सम्मान |
| ODOP योजना | जिला आधारित उत्पादों का प्रोत्साहन |
| पंच गौरव कार्यक्रम | स्थानीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था को मजबूती |
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Edited by – Krishika Agarwal


