गांवमंच डेस्क | पाली/जयपुर, 04 अक्टूबर 2026
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि लघु उद्योग आकार में भले ही छोटे हों, लेकिन राष्ट्र निर्माण और रोजगार सृजन में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गांव, ढाणी और कस्बों में युवाओं, महिलाओं और जरूरतमंद लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों की अहम भूमिका है। राज्य सरकार लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हर स्तर पर सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पाली में लघु उद्योग भारती की ओर से आयोजित उद्यमी सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने लघु उद्यमियों से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने ‘उद्योग टाइम्स’ पुस्तिका और ‘स्वयंसिद्धा’ पोस्टर का विमोचन भी किया।

स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग लगाने का आह्वान
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है।
- मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने छोटे उद्यमियों, कारीगरों और व्यापारियों को नई ऊर्जा दी है।
- उन्होंने कहा कि राजस्थान में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों और कृषि उत्पादों पर आधारित प्रोसेसिंग यूनिट
- स्थापित करने के लिए उद्यमियों को आगे आना चाहिए। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
- और किसानों तथा छोटे उत्पादकों को भी बाजार उपलब्ध होगा।
जमीन, पानी और बिजली पर सरकार का फोकस
- मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी उद्योग के विकास के लिए जमीन, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं आवश्यक हैं।
- राज्य सरकार इन सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
- उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, नर्मदा जल समझौता
- और किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के माध्यम से प्रदेश में जल उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में काम हुआ है।
- इसके अलावा गंगनहर और सोम-कमला-अंबा जैसी परियोजनाओं के माध्यम से सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
- मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान बिजली उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
- वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
राइजिंग राजस्थान से निवेश का नया माहौल
- मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग केवल पूंजी से नहीं, बल्कि उद्यमियों की प्रतिभा, मेहनत और निरंतर प्रयास से आगे बढ़ता है।
- राजस्थान सरकार निवेश, व्यापार और रोजगार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है।
- उन्होंने बताया कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू
- में से 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर धरातल पर काम शुरू हो चुका है।
- मुख्यमंत्री के अनुसार, रीको की ओर से 3 हजार से अधिक एमओयू धारकों को भूमि आवंटित की जा चुकी है,
- जबकि 800 से अधिक औद्योगिक इकाइयों में निर्माण कार्य चल रहा है।
MSME क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार की पहल
- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लघु, मध्यम एवं सूक्ष्म उद्यमों यानी MSME सेक्टर को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
- उन्होंने बताया कि पंच गौरव के माध्यम से प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
- वहीं राज उद्योग मित्र और राज निवेश पोर्टल के माध्यम से सिंगल विंडो सिस्टम को अधिक पारदर्शी बनाया गया है।
- इसके अलावा राजस्थान MSME नीति-2024 और राजस्थान एकीकृत क्लस्टर विकास योजना के तहत विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
37 नई नीतियों से औद्योगिक विकास को गति
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार और उद्यमियों के सामूहिक प्रयासों से राजस्थान देश के अग्रणी औद्योगिक प्रदेशों में शामिल हो रहा है।
- उन्होंने कहा कि राज्य में सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026, एयरोस्पेस एंड डिफेंस पॉलिसी-2026,
- लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025, इंडस्ट्रियल पार्क पॉलिसी-2025 और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी-2026
- जैसी नीतियों से औद्योगिक विकास के नए अवसर तैयार हुए हैं।
- मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य सरकार ने कुल 37 नई नीतियां जारी की हैं, जिनसे प्रदेश में व्यवसाय करना
- आसान बनाने और निवेश को आकर्षित करने में मदद मिली है।
जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र बनेगा प्रमुख हब
- मुख्यमंत्री ने जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र को राजस्थान के औद्योगिक विकास के विजन का प्रमुख केंद्र बताया।
- उन्होंने कहा कि इसके फेज-ए में 641 हेक्टेयर भूमि पर आधारभूत विकास और विद्युत कार्यों के लिए 370 करोड़ रुपये
- के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। यह क्षेत्र भविष्य में देश के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित होगा।
पाली के टेक्सटाइल उद्योग को मिलेगी नई गति
- पाली के प्रमुख वस्त्र उद्योग का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर को
- बढ़ावा देने के लिए राजस्थान टेक्सटाइल एंड अपैरल पॉलिसी-2025 लागू की गई है।
- इस नीति से प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग में निवेश, उत्पादन और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
पीएम विश्वकर्मा योजना में अतिरिक्त ब्याज अनुदान
- मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से पारंपरिक शिल्पकारों को आधुनिक प्रशिक्षण, टूलकिट
- और आसान वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
- उन्होंने बताया कि कारीगरों के हित में राज्य सरकार ने पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत मिलने वाले रियायती
- ऋण पर 2 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान देने का निर्णय लिया है।
- इसके अलावा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के माध्यम
- से युवाओं को वित्तीय सहायता देकर उन्हें नौकरी तलाशने वाले के बजाय नौकरी देने वाला बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
महिला उद्यमिता और स्वरोजगार पर जोर
- मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु उद्योग भारती केवल व्यापार तक सीमित नहीं है,
- बल्कि राष्ट्र निर्माण और महिला सशक्तीकरण में भी योगदान दे रही है।
- चूड़ी पर नगीने लगाने, मिट्टी के कुल्हड़ बनाने की मशीन उपलब्ध कराने, सिलाई प्रशिक्षण, मेहंदी
- और ब्यूटी पार्लर जैसे कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ा जा रहा है।
स्थानीय उत्पादों को अपनाने की अपील
- सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार लघु, कुटीर और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित कर रही है।
- उन्होंने कहा कि उद्यमियों को भूमि, बिजली और पानी जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
- उन्होंने आमजन से स्थानीय उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की।
- उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से आत्मनिर्भर भारत और विकसित राजस्थान के संकल्प को मजबूती मिलेगी।
- कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उद्योग टाइम्स पुस्तिका एवं स्वयंसिद्धा पोस्टर का विमोचन किया।
- इस अवसर पर सांसद पी.पी. चौधरी, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाशचन्द गुप्ता
- सहित अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में उद्यमी मौजूद रहे।
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Edited by – Riddhima


