गाँव मंच डेस्क, जयपुर, 27 अगस्त। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रक्षाबंधन पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख और समृद्धि की कामना की। रक्षाबंधन इस वर्ष 28 अगस्त को मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे भाई-बहन के स्नेह का पर्व बताया।
रक्षाबंधन रिश्तों की मजबूती का प्रतीक
- मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। यह पर्व भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को दर्शाता है।
- भाई-बहन इस दिन अपने रिश्ते को और मजबूत करते हैं। बहन भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है।
- भाई भी बहन की सुरक्षा का संकल्प लेता है।

संस्कृत दिवस पर भी दी शुभकामनाएं
- मुख्यमंत्री ने संस्कृत दिवस पर भी बधाई दी। संस्कृत दिवस श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर मनाया जाता है।
- उन्होंने संस्कृत को भारत की प्राचीन भाषा बताया। उन्होंने इसके व्यापक ज्ञान परंपरा में योगदान को रेखांकित किया।
- मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत ने कई क्षेत्रों को समृद्ध किया। इसमें धर्म और दर्शन का विशेष स्थान रहा है।
- चिकित्सा और योग का ज्ञान भी इससे जुड़ा है। संगीत और साहित्य में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
- संस्कृत ने भारतीय ज्ञान परंपरा को सहेजने में भूमिका निभाई।
नई पीढ़ी से संस्कृत संरक्षण की अपील

मुख्यमंत्री ने नई पीढ़ी से विशेष आह्वान किया। उन्होंने संस्कृत के संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा। उन्होंने युवाओं को भारतीय विरासत से जुड़ने का संदेश दिया। संस्कृत का अध्ययन ज्ञान के नए अवसर खोल सकता है। मुख्यमंत्री के संदेश में संस्कृति और आधुनिकता का संतुलन दिखा। रक्षाबंधन रिश्तों की भावना को मजबूत करता है। संस्कृत दिवस हमारी ज्ञान परंपरा से जोड़ता है। दोनों अवसर भारतीय संस्कृति की विविधता दिखाते हैं।
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Edited by- Krishika Agarwal


