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24 जिलों में किसानों को दिन में बिजली, सीएम भजनलाल की घोषणा

गाँव मंच डेस्क जयपुर, 13 मार्च। जयपुर, 31 मार्च। प्रदेश के 22 जिलों के बाद अब दौसा एवं करौली जिले में भी कृषि उपभोक्ताओं को खेती के लिए दिन के दो ब्लॉक में बिजली सुलभ होने लगी है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार रात अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स‘ पर पोस्ट करके यह बड़ी घोषणा की।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रदेश के सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली देने का महत्वाकांक्षी संकल्प लिया है। इस क्रम में वर्ष 2024-25 के परिवर्तित बजट में यह कार्य चरणबद्ध रूप से वर्ष-2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। फिलहाल प्रदेश के 22 जिलों में कृषि उपभोक्ताओं को दिन के दो ब्लॉक में विद्युत आपूर्ति की जा रही है। अब जयपुर विद्युत वितरण निगम के दौसा एवं करौली जिले भी इससे जुड़ने जा रहे हैं।

फिलहाल इन जिलों में किसानों को मिल रही दिन के दो ब्लॉक में बिजली

फिलहाल जयपुर डिस्कॉम के 7 जिलों-धौलपुर, बूंदी, कोटा, झालावाड़, जयपुर, डीग एवं भरतपुर के किसानों को सिंचाई के लिए दिन के दो ब्लॉक में बिजली उपलब्ध हो रही है। इसी तरह अजमेर डिस्कॉम के 12 जिलों-अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, डीडवाना-कुचामन, उदयपुर, सलूम्बर, राजसमंद, बांसवाड़ा, झुन्झुनूं, सीकर, चित्तौड़गढ एवं डूंगरपुर तथा जोधपुर डिस्कॉम के 3 जिलों-जालौर, सिरोही एवं पाली में भी कृषकों को दिन के दो ब्लॉक में आपूर्ति की जा रही है।

दौसा एवं करौली में विद्युत तंत्र को किया मजबूत

विगत समय में जयपुर डिस्कॉम ने दौसा एवं करौली जिलों में विद्युत तंत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया है। दौसा जिले में 33 केवी के 18 तथा करौली जिले में 33 केवी के 6 नए ग्रिड सब स्टेशन स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही दौसा में 33 केवी के 47 सब स्टेशनों पर ट्रांसफार्मरों में 128.95 एमवीए की क्षमता वृद्धि की गई है। वहीं करौली में 33 केवी के 15 सब स्टेशनों पर 49.45 एमवीए की क्षमता बढ़ाई गई है। दोनों जिलों में पीएम कुसुम योजना के कम्पोनेंट-ए एवं कम्पोनेंट-सी में 32 मेगावाट क्षमता के 17 सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।

87801 कृषि उपभोक्ता होंगे लाभान्वित

इसका लाभ दौसा जिले में 52,460 तथा करौली जिले में 35,341 कृषि उपभोक्ताओं को दिन में बिजली आपूर्ति के रूप में होगा। कड़ाके की सर्दी एवं बारिश में रात्रि के समय सिंचाई करने की मजबूरी नहीं रहेगी। जंगली-जानवरों का खतरा नहीं होगा और रात्रि में वे अपने परिवार के साथ समय व्यतीत कर सकेंगे।

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