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दिल्ली अलवर नमो भारत ट्रेन: राजस्थान में बनेगा 91 किमी RRTS कॉरिडोर

गाँव मंच, जयपुर, 18 मई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से राजस्थान को रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) परियोजना से जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है। हरियाणा और राजस्थान सरकार के बीच सहमति बनने के बाद अब जल्द ही दिल्ली अलवर नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरू हो सकेगा, जो प्रदेश को देश के सबसे आधुनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ेगा।

क्या होगा रूट और स्टेशन?

दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होने वाला यह कॉरिडोर गुरुग्राम, बावल और एसएनबी होते हुए खैरथल और अलवर तक जाएगा।

  • विस्तार: एसएनबी (SNB) से इसका दूसरा हिस्सा नीमराणा और बहरोड़ होते हुए सोतानाला तक जाएगा।
  • राजस्थान का हिस्सा: इस पूरी परियोजना में राजस्थान के हिस्से में 91 किलोमीटर लंबा नेटवर्क आएगा, जिसमें 6 स्टेशन प्रस्तावित हैं।
  • कुल नेटवर्क: दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर कॉरिडोर की कुल लंबाई 196 किलोमीटर होगी और इसमें 22 मुख्य स्टेशन होंगे।
दिल्ली अलवर नमो भारत ट्रेन और राजस्थान आरआरटीएस कॉरिडोर मैप

क्यों खास है RRTS (नमो भारत)?

  • सुपरफास्ट स्पीड: यह ट्रेन मेट्रो की तुलना में तीन गुना ज्यादा तेज (160 किमी प्रति घंटा) दौड़ती है।
  • मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी: इस पूरे नेटवर्क को रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल (ISBT), एयरपोर्ट और दिल्ली मेट्रो से सीधे जोड़ा जाएगा।
  • इंटर-ऑपरेबल: सराय काले खां स्टेशन पर यह नेटवर्क मेरठ और पानीपत वाले कॉरिडोर से भी जुड़ेगा, जिससे यात्री बिना ट्रेन बदले एक से दूसरे कॉरिडोर जा सकेंगे।
  • औद्योगिक विकास: इससे राजस्थान के भिवाड़ी, नीमराणा और सोतानाला जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलेगा, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

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नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।

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