गाँव आंच डेस्क, जयपुर, 17 अगस्त। राजस्थान पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट को लेकर एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। साइबर ठग फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं। इसके बाद वे पैसों की मांग करते हैं।
फर्जी अधिकारी बनकर डराते हैं ठग
- राजस्थान पुलिस के अनुसार ठग खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हैं। वे ईडी, कस्टम या एटीएस अधिकारी भी बनते हैं।
- इसके बाद लोगों को फोन या वीडियो कॉल करते हैं। ठग फर्जी नोटिस और वारंट भी भेजते हैं।
- इससे लोगों में गिरफ्तारी का डर पैदा होता है। ठग आधार और बैंक खाते का हवाला देते हैं।
- वे इन्हें किसी अपराध से जुड़ा बताते हैं। मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप भी लगाया जाता है।
- हवाला और गैरकानूनी पार्सल का भी डर दिखाते हैं। इसके बाद ठग वीडियो कॉल पर निगरानी का दिखावा करते हैं।

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ऐसे होती है ठगी
- साइबर ठग फर्जी पुलिस स्टेशन जैसा माहौल बनाते हैं। वे पीड़ित को मामला गोपनीय रखने को कहते हैं।
- इसके बाद बैंक और वित्तीय जानकारी मांगी जाती है। कई मामलों में पूरी रकम ट्रांसफर कराई जाती है।
अभय पोर्टल पर नोटिस और वारंट सत्यापित करें
cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
Edited by- Krishika Agarwal


