गाँव मंच डेस्क जयपुर, 2 अप्रैल | State of Working India 2026 रिपोर्ट बताती है कि 2021 से 2024 के बीच बनी 8.3 करोड़ नई नौकरियों में से करीब 4 करोड़ कृषि क्षेत्र में जुड़ी हैं। यह दिखाता है कि खेती आज भी ग्रामीण भारत की सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है और रोजगार का मजबूत आधार बनकर उभर रही है।
खेती ने दिया रोजगार को सहारा
कृषि क्षेत्र ने उस समय सबसे ज्यादा सहारा दिया, जब अन्य सेक्टर पर्याप्त रोजगार नहीं दे पा रहे थे। गांवों में युवा अब खेती को मजबूरी नहीं, बल्कि एक अवसर के रूप में देखने लगे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के विकल्प मजबूत हुए हैं और स्थानीय स्तर पर आय के स्रोत बढ़े हैं।

युवाओं और महिलाओं के लिए अवसर
खेती और उससे जुड़े क्षेत्रों में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। बड़ी संख्या में महिलाएं कृषि कार्यों में जुड़कर परिवार की आय में योगदान दे रही हैं। वहीं युवा डेयरी, बागवानी और फूड प्रोसेसिंग जैसे स्वरोजगार के जरिए नए अवसर तलाश रहे हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
कृषि आधारित रोजगार ने गांवों की अर्थव्यवस्था को नई गति दी है। स्थानीय स्तर पर काम मिलने से पलायन में कमी के संकेत मिल रहे हैं। यदि इस क्षेत्र में तकनीक, निवेश और बाजार तक पहुंच को और मजबूत किया जाए, तो यह रोजगार और विकास दोनों के लिए बड़ा आधार बन सकता है।
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– Deepanshu Kasera, Journalist


