गाँव मंच डेस्क, श्रीगंगानगर का प्रसिद्ध किन्नू अब नई पहचान पाने जा रहा है। राज्य सरकार ने गंगानगरी किन्नू उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना का निर्णय लिया है। इस परियोजना की जिम्मेदारी टांटिया ग्रुप है समूह को सौंपी गई है। इससे किसानों को वैज्ञानिक तकनीक और बेहतर बाजार मिलेगा।
समझौता ज्ञापन पर हुए हस्ताक्षर
- जयपुर में इस परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण समझौता हुआ।
- हॉर्टिकल्चर कमिश्नर श्वेता चौहान और टांटिया समूह के प्रतिनिधियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
- इस अवसर पर उद्यानिकी विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
- यह परियोजना राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत विकसित की जाएगी।
किसानों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
गंगानगरी किन्नू उत्कृष्टता केंद्र में किसानों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा। इसमें उत्पादन तकनीक, रोग प्रबंधन और सिंचाई प्रबंधन शामिल रहेगा। किसानों को उन्नत पौध सामग्री और वैज्ञानिक सलाह भी मिलेगी। इससे उत्पादन लागत घटाने में सहायता मिलेगी।
गुणवत्ता सुधार पर रहेगा विशेष ध्यान
- इस केंद्र में किन्नू की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष काम होगा। फल तुड़ाई के बाद की तकनीकों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- छंटाई, ग्रेडिंग और पैकेजिंग की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे किसानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी।
खेत से बाजार तक बनेगा मजबूत तंत्र

Edited by- Krishika Agarwal


