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GRAM-2026 राजस्थान में 2839 ग्राम उत्थान शिविर, किसानों को मिलेगा लाभ

गाँव मंच डेस्क जयपुर, 20 जनवरी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गरीब, युवा, अन्नदाता और नारीशक्ति (GYAN) के कल्याण के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार किसान और ग्रामीण कल्याण को नई दिशा देने जा रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (GRAM)-2026’ के आयोजन की तैयारी कर रही है, जिसके तहत प्रदेश के प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर ग्राम उत्थान शिविर आयोजित किए जाएंगे।

राज्य सरकार का उद्देश्य इन शिविरों के माध्यम से प्रगतिशील किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ सुनिश्चित करना है।

23 जनवरी से शुरू होंगे ग्राम उत्थान शिविर, दो चरणों में आयोजन

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा।
पहले चरण की शुरुआत बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर 23 जनवरी से होगी, जिसमें 24, 25 और 31 जनवरी को शिविर लगाए जाएंगे।
दूसरे चरण में 1 फरवरी तथा 5 से 9 फरवरी तक शिविर आयोजित होंगे।

इस प्रकार कुल 10 दिनों में प्रदेशभर में 2,839 ग्राम उत्थान शिविर आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक संचालित होंगे। शिविरों से पूर्व 22 जनवरी को ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को शिविरों में होने वाली गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी।

तारबंदी से लेकर सौर पंप तक, किसानों को मिलेंगी कई योजनाओं की स्वीकृतियां

ग्राम उत्थान शिविरों में किसानों को तारबंदी, पाइपलाइन, फार्म पॉण्ड, बैलों से खेती योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि की स्वीकृति दी जाएगी। इसके साथ ही सॉइल हेल्थ कार्ड वितरण, बीज मिनीकिट वितरण का सत्यापन, फव्वारा एवं ड्रिप सिंचाई, प्लास्टिक मल्च और सौर पंप संयंत्र की स्वीकृतियां भी प्रदान की जाएंगी।

इसके अलावा मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत होगा गृहप्रवेश, पशुपालकों को भी मिलेगा लाभ

शिविरों के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत निर्मित आवासों में लाभार्थियों का गृहप्रवेश कराया जाएगा।
किसान क्रेडिट कार्ड, नए कस्टम हायरिंग सेंटर, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत पशुपालकों का पंजीकरण, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी करना और फर्टिलिटी किट वितरण जैसे कार्य भी किए जाएंगे।

साथ ही प्राथमिक डेयरी सहकारी समिति और डेयरी सहकारी समितियों का पंजीयन भी किया जाएगा।

स्वामित्व कार्ड, नहर मरम्मत और सोलर योजनाओं पर भी होगा काम

ग्राम उत्थान शिविरों में स्वामित्व कार्डों का वितरण किया जाएगा। नहरों और खालों की मरम्मत की आवश्यकताओं का चिन्हीकरण किया जाएगा। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत पंजीकरण, युवा स्वरोजगार योजना और अन्य विकास कार्यों पर भी शिविरों में कार्यवाही होगी।

इसके अलावा पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना का सर्वे कार्य और वीबीजी रामजी योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

12 विभाग मिलकर देंगे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ

इन शिविरों में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, जल संसाधन, ऊर्जा, उद्योग, ग्रामीण विकास और पंचायती राज सहित 12 विभाग भाग लेंगे।
कृषि एवं उद्यानिकी विभाग को इन शिविरों का नोडल विभाग बनाया गया है, जो विभिन्न विभागों के बीच समन्वय कर योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाएगा।

प्रभारी सचिव करेंगे नियमित निरीक्षण

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रभारी सचिव ग्राम उत्थान शिविरों का नियमित निरीक्षण करेंगे। जिला स्तर पर कलेक्टर द्वारा जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो शिविरों की व्यवस्थाओं और संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे।

ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट में देश-विदेश के विशेषज्ञ होंगे शामिल

गौरतलब है कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (GRAM)-2026 के राज्य स्तरीय आयोजन में देश-विदेश से किसान, पशुपालक, कृषि वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे। उन्नत कृषि तकनीक, जल प्रबंधन, फसल विविधीकरण और नवाचारों से जुड़ी प्रदर्शक फर्म भी इस आयोजन में भाग लेंगी।

राज्य सरकार का लक्ष्य इस पहल के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।

राजस्थान में पंचायतों, ग्राम सभाओं और ग्रामीण योजनाओं से जुड़ी ताज़ा खबरें गाँव मंच के पंचायत सेक्शन में भी उपलब्ध हैं।

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