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ग्राम विकास चौपाल राजस्थान: बांसवाड़ा और डूंगरपुर पहुंचेंगे CM भजनलाल

गावं मंच जयपुर, 19 मई । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गांवों को साथ लेकर प्रदेश को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को धरातल पर उतार रहे हैं। ‘ग्रामोदय से अंत्योदय’ की अवधारणा पर काम करते हुए मुख्यमंत्री स्वयं ग्रामीण अंचलों में जाकर ग्राम विकास चौपाल राजस्थान के जरिए जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद ग्रामीणों की समस्याओं (परिवेदनाओं) का मौके पर ही निस्तारण किया जा रहा है और विकास कार्यों के लिए हाथों-हाथ स्वीकृतियां जारी हो रही हैं।

बांसवाड़ा के चुुड़ादा और डूंगरपुर के धम्बोला गांव में मुख्यमंत्री की चौपाल

बांसवाड़ा और डूंगरपुर का आगामी शेड्यूल

ग्राम विकास चौपाल की कड़ी में मुख्यमंत्री का अगला पड़ाव वागड़ अंचल (बांसवाड़ा और डूंगरपुर) होने जा रहा है:

  • 20 मई (बांसवाड़ा): मुख्यमंत्री बुधवार को बांसवाड़ा के कुशलगढ़ स्थित चुुड़ादा गांव पहुंचेंगे। यहाँ ग्रामीणों से संवाद के बाद वे चौपाल स्थल पर ही रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन 21 मई की सुबह वे पैदल भ्रमण कर घर-घर जाकर लोगों से फीडबैक लेंगे।
  • 21 मई (डूंगरपुर): गुरुवार को मुख्यमंत्री डूंगरपुर पहुंचेंगे। कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेने के बाद वे चौरासी विधानसभा क्षेत्र के धम्बोला गांव में ग्राम विकास चौपाल लगाएंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन 22 मई की सुबह ग्रामीणों से चर्चा करेंगे।
ग्राम विकास चौपाल राजस्थान में ग्रामीणों से संवाद करते मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

चौपाल पर तुरंत हो रहे बड़े फैसले

मुख्यमंत्री की ये चौपालें केवल संवाद का ही नहीं, बल्कि त्वरित समाधान का भी प्रभावी मंच साबित हो रही हैं। इसके कुछ प्रमुख उदाहरण इस प्रकार हैं:

  1. सीकर का जाजोद गांव: छात्राओं की मांग पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मात्र एक रात में विद्यालय में विज्ञान संकाय (Science Stream) खोलने के निर्देश जारी करवाए।
  2. अजमेर का कड़ेल गांव: यहाँ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में क्रमोन्नत कर ग्रामीणों को बड़ी चिकित्सा राहत दी गई।

मुख्यमंत्री इससे पहले प्रतापगढ़ के बम्बोरी, जालोर के पंसेरी और जयपुर के ठिकरिया गांवों में भी सफल चौपाल और रात्रि विश्राम कर चुके हैं।

ईंधन बचत के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) का उपयोग

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन संरक्षण की अपील के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या को काफी सीमित कर दिया है। मुख्यमंत्री पर्यावरण संरक्षण और पेट्रोल-डीजल की बचत का संदेश देने के लिए खुद इलेक्ट्रिक वाहन (EV) में सफर कर रहे हैं। वागड़ दौरे के दौरान भी वे अपने सभी कार्यक्रमों के लिए ईवी का ही उपयोग करेंगे।

ग्राम विकास चौपाल राजस्थान में ग्रामीणों से संवाद करते मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान में पंचायतों, ग्राम सभाओं और ग्रामीण योजनाओं से जुड़ी ताज़ा खबरें गाँव मंच के पंचायत सेक्शन में भी उपलब्ध हैं।

नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।

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