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तकनीक से संस्कृति तक IAS इंद्रजीत सिंह का बढ़ता कद, केंद्र में Joint Secretary पद के लिए Empanelled

गांव मंच डेस्क, जयपुर। राजस्थान कैडर के 2010 बैच के IAS अधिकारी इंद्रजीत सिंह के प्रशासनिक करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। उन्हें केंद्र सरकार में Joint Secretary/Equivalent स्तर के पदों के लिए Empanelled किया गया है। वर्तमान में वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर संस्कृति मंत्रालय में Director के रूप में कार्यरत हैं और Gyan Bharatam Mission जैसे महत्वपूर्ण कार्यों से जुड़े हुए हैं।

इंदरजीत सिंह का करीब डेढ़ दशक का प्रशासनिक सफर कई अलग-अलग क्षेत्रों से होकर गुजरा है। जिला प्रशासन से लेकर औद्योगिक विकास, सूचना प्रौद्योगिकी, Digital Governance और अब सांस्कृतिक विरासत तक उनकी जिम्मेदारियों का दायरा लगातार विस्तृत हुआ है। यही विविध अनुभव उन्हें एक ऐसे प्रशासनिक अधिकारी के रूप में पहचान देता है, जिसने तकनीक और नीति को जमीनी प्रशासन से जोड़ने पर काम किया है।

Dungarpur में सोलर प्रोजेक्ट से मिली अलग पहचान

  • इंद्रजीत सिंह के शुरुआती प्रशासनिक कार्यों में Dungarpur Solar Urja Lamp Project का उल्लेख खास तौर पर किया जाता है।
  • इस पहल के तहत आदिवासी महिलाओं को सोलर लैम्प के निर्माण, रखरखाव और वितरण से जोड़ा गया।
  • इस प्रोजेक्ट में स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल के साथ सामाजिक भागीदारी और महिला रोजगार को भी जोड़ा गया।
  • ऐसे प्रयासों ने यह दिखाया कि सरकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहकर स्थानीय
  • समुदायों को सहभागी बनाकर अधिक प्रभावी तरीके से लागू की जा सकती हैं।

चार जिलों में संभाली कलेक्टर की जिम्मेदारी

  • राजस्थान में इंद्रजीत सिंह Dungarpur, Chittorgarh, Alwar और Jodhpur के District Collector भी रह चुके हैं।
  • अलग-अलग भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों वाले इन जिलों में काम करने के दौरान उन्हें ग्रामीण विकास,
  • जनकल्याणकारी योजनाओं, स्वच्छता और प्रशासनिक सुधारों का व्यापक अनुभव मिला।
  • विशेष रूप से Chittorgarh में उनके कार्यकाल के दौरान स्वच्छ भारत मिशन और व्यवहार परिवर्तन से जुड़े प्रयासों पर जोर रहा।
  • जिला प्रशासन में काम करने का यह अनुभव आगे चलकर उनकी प्रशासनिक कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बना।

RIICO में औद्योगिक विकास का अनुभव

  • इंदरजीत सिंह का अनुभव केवल जिला प्रशासन तक सीमित नहीं रहा।
  • उन्होंने Rajasthan State Industrial Development and Investment Corporation यानी RIICO
  • के Managing Director के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली।
  • RIICO राजस्थान में औद्योगिक क्षेत्रों और निवेश से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • RIICO में रहते हुए इंद्रजीत सिंह के सामने औद्योगिक क्षेत्रों के विकास,
  • निवेश को प्रोत्साहित करने और उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने जैसी जिम्मेदारियां रहीं।
  • इस भूमिका ने उनके प्रशासनिक अनुभव में आर्थिक और औद्योगिक नीति का एक महत्वपूर्ण आयाम जोड़ा।

Digital Governance में भी बनाई पहचान

  • तकनीक के क्षेत्र में भी इंद्रजीत सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
  • उन्होंने राजस्थान के Information Technology & Communication Department में Commissioner के रूप में काम किया।
  • Digital Governance के माध्यम से सरकारी सेवाओं को नागरिकों तक अधिक सरल
  • और सुलभ बनाने की दिशा में उनके कार्यकाल को महत्वपूर्ण माना जाता है।
  • इसी दौर में RajKisan Saathi Phase-II जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
  • तकनीक को प्रशासन से जोड़ने का यह अनुभव आगे उनके करियर में भी दिखाई देता है।
  • आज जब सरकारी सेवाओं से लेकर सांस्कृतिक विरासत तक डिजिटलीकरण तेजी से बढ़ रहा है,
  • ऐसे अनुभव की उपयोगिता और बढ़ जाती है।

Princeton University से Public Policy की पढ़ाई

  • इंद्रजीत सिंह की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी उनके प्रशासनिक प्रोफाइल को खास बनाती है।
  • उन्होंने Delhi Technological University से Electronics & Communication Engineering में B.Tech किया।
  • इसके बाद उन्होंने अमेरिका की Princeton University से Master in Public Policy (MPP) की पढ़ाई की।
  • Princeton School of Public and International Affairs के अनुसार उसका
  • MPP कार्यक्रम सार्वजनिक नीति से जुड़े अनुभवी पेशेवरों को नीति विश्लेषण और नेतृत्व के लिए तैयार करता है।
  • तकनीकी शिक्षा और Public Policy की पढ़ाई का संयोजन उनके करियर में साफ दिखाई देता है।
  • एक तरफ तकनीक और डिजिटल सिस्टम की समझ, तो दूसरी तरफ नीति निर्माण
  • और प्रशासनिक दृष्टिकोण—इन दोनों का इस्तेमाल उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियों में किया है।

अब संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा पर फोकस

  • केंद्र सरकार में संस्कृति मंत्रालय के साथ उनकी वर्तमान भूमिका उनके करियर का एक नया अध्याय है।
  • वे Gyan Bharatam Mission से जुड़े हुए हैं। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार
  • इस मिशन का उद्देश्य भारत की विशाल पांडुलिपि विरासत को संरक्षित, डिजिटाइज और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।
  • Gyan Bharatam Mission के तहत देशभर में मौजूद पांडुलिपियों की पहचान,
  • दस्तावेजीकरण, संरक्षण और डिजिटल स्वरूप में उपलब्धता पर जोर दिया जा रहा है।
  • मिशन में तकनीक का इस्तेमाल भी महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें AI, OCR
  • और डिजिटल रिपॉजिटरी जैसी तकनीकों की भूमिका प्रस्तावित है।
  • यानी जिस प्रशासनिक करियर की शुरुआत जमीनी स्तर पर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में तकनीक आधारित पहल से हुई,
  • वह अब भारत की ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल रूप देने जैसे राष्ट्रीय स्तर के कार्य तक पहुंच चुका है।

Empanelment से बढ़ा राष्ट्रीय स्तर का दायरा

  • Joint Secretary/Equivalent स्तर के पदों के लिए Empanelment को इंद्रजीत सिंह
  • के प्रशासनिक करियर में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
  • केंद्र सरकार में Joint Secretary स्तर की जिम्मेदारी नीति निर्माण और मंत्रालयों के महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों से जुड़ी होती है।
  • उनके करियर को देखें तो जिला प्रशासन, औद्योगिक विकास, IT और Digital Governance
  • से लेकर संस्कृति मंत्रालय तक जिम्मेदारियों की एक लंबी श्रृंखला दिखाई देती है।
  • यही विविधता उनके अनुभव को अलग बनाती है।

तकनीक, नीति और संस्कृति का अनोखा मेल

  • इंदरजीत सिंह की प्रशासनिक यात्रा को केवल पदों की सूची के रूप में देखना उनके प्रोफाइल को सीमित कर देगा।
  • उनके करियर में एक दिलचस्प निरंतरता दिखाई देती है—तकनीक का इस्तेमाल करके प्रशासन
  • और समाज के बीच बेहतर जुड़ाव बनाने की कोशिश।
  • Dungarpur में सोलर पहल से लेकर Digital Governance और अब पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण तक,
  • उनकी जिम्मेदारियां बदलती रहीं, लेकिन तकनीक और नीति का मेल लगातार दिखाई देता रहा।
  • अब केंद्र में उनकी भूमिका भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक डिजिटल माध्यमों से संरक्षित करने से जुड़ी है।
  • ऐसे समय में जब पुरानी विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ना एक बड़ी चुनौती है,
  • प्रशासनिक अनुभव और तकनीकी समझ का यह संयोजन महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।

https://culture.gov.in/

https://culture.gov.in/gyan-bharatam-mission

Edited by – Riddhima

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