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किशाऊ परियोजना से शेखावाटी को मिलेगी नई जल सुरक्षा, 6 राज्यों के बीच एमओयू

किशाऊ परियोजना के एमओयू पर हुए हस्ताक्षर

  • जयपुर, 15 सितंबर। किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर छह राज्यों के बीच महत्वपूर्ण एमओयू हुआ है।
  • नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बैठक हुई।
  • इसमें केंद्रीय जल संसाधन मंत्री सीआर पाटिल भी मौजूद रहे।
  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
  • राजस्थान सरकार के अनुसार, इस परियोजना से शेखावाटी की जल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

15 हजार करोड़ की परियोजना से 660 मेगावाट बिजली

  • किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना टौंस नदी पर प्रस्तावित है।
  • यह नदी यमुना की प्रमुख सहायक नदी है। परियोजना उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर प्रस्तावित है।
  • इसकी अनुमानित लागत करीब 15,000 करोड़ रुपये है। परियोजना से 660 मेगावाट जलविद्युत उत्पादन प्रस्तावित है।
  • इससे राजस्थान सहित छह राज्यों को लाभ मिलने की बात कही गई है।

राजस्थान को मिलेगा 124 एमसीएम पानी

  • किशाऊ बांध से राजस्थान के लिए 124 एमसीएम पानी आवंटित किया गया है।
  • इसे यमुना जल परियोजना से जोड़ने की योजना है।
  • इसके तहत तीन भूमिगत पाइपलाइन प्रणालियों से पानी पहुंचाया जाएगा।
  • प्रस्तावित व्यवस्था में हरियाणा के हांसीवासी से चूरू तक पानी पहुंचाने की योजना है।
  • इससे सीकर, चूरू और झुंझुनूं को लाभ मिलने की उम्मीद है।

पेयजल और सिंचाई को मिलेगा आधार

  • परियोजना से मिलने वाले पानी का उपयोग पेयजल और सिंचाई के लिए किया जा सकेगा।
  • नियमित जल उपलब्धता से शेखावाटी में विकास के नए अवसर बनने की संभावना है।
  • सरकार के अनुसार, इसका सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों पर भी असर पड़ेगा।
  • स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े विकास को भी इससे आधार मिलने की बात कही गई है।

राजस्थान के हिस्से पर विशेष प्रावधान

  • संशोधित समझौते में राजस्थान के हितों से जुड़े प्रावधान किए गए हैं।
  • समझौते के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के जल हिस्से का 95 प्रतिशत दिल्ली और राजस्थान को उपलब्ध होगा।
  • शेष 5 प्रतिशत हिस्सा हिमाचल प्रदेश स्थानीय उपयोग के लिए रखेगा।
  • 95 प्रतिशत हिस्से में दिल्ली और राजस्थान की हिस्सेदारी 75:25 के अनुपात में होगी।

यमुना जल समझौते से जुड़ी बड़ी पहल

  • राजस्थान सरकार ने इसे शेखावाटी की दीर्घकालीन जल सुरक्षा से जोड़ा है।
  • वर्ष 1994 के यमुना जल समझौते में राजस्थान के लिए 1,917 क्यूसेक पानी आवंटित हुआ था।
  • यह मात्रा 577 एमसीएम के बराबर बताई गई है।
  • जल प्रवाह प्रणाली उपलब्ध नहीं होने के कारण राजस्थान को अपने हिस्से का पानी नहीं मिल सका।
  • अब किशाऊ और यमुना जल परियोजनाओं को जोड़कर इस व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में पहल की गई है।

शेखावाटी में विकास के नए अवसर

  • जल परियोजनाओं के साथ शेखावाटी में कनेक्टिविटी और पर्यटन पर भी जोर दिया जा रहा है।
  • एक्सप्रेस-वे और हाईवे परियोजनाओं को विकास से जोड़ा गया है।
  • क्षेत्र की ऐतिहासिक हवेलियों और विरासत संरक्षण पर भी काम जारी है।
  • सीकर और झुंझुनूं में हवाई संपर्क से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया गया है।
  • सरकार के अनुसार, इन प्रयासों से रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.

https://jalshakti-dowr.gov.in/

https://rajasthan.gov.in/

Edited by – Riddhima

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