गाँव मंच डेस्क हिमाचल प्रदेश, 3 अप्रैल | हिमाचल प्रदेश का एक छोटा सा और शांत कस्बा कोटगढ़, आज भारत में “एप्पल सिटी ऑफ इंडिया” के नाम से प्रसिद्ध है। शिमला के पास स्थित यह टाउन अपनी ताज़ी पहाड़ी हवा, हरी-भरी पहाड़ियों और दूर-दूर तक फैले सेब के बागानों के लिए जाना जाता है। यहां का शांत जीवन और प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को आकर्षित करती है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी पहचान इसका सेब की खेती से गहरा जुड़ाव है।
कोटगढ़ को एप्पल सिटी क्यों कहा जाता है, जानिए इसका असली इतिहास
कोटगढ़ को एप्पल सिटी इसलिए कहा जाता है क्योंकि यही वह जगह है जहां भारत में व्यावसायिक सेब की खेती की शुरुआत हुई थी। 20वीं सदी की शुरुआत में अमेरिकी मिशनरी सैमुअल इवांस स्टोक्स ने कोटगढ़ में सबसे पहले सफल सेब के बाग लगाए थे। कोटगढ़ की जलवायु, ऊंचाई और उपजाऊ मिट्टी सेब की खेती के लिए बिल्कुल उपयुक्त साबित हुई और धीरे-धीरे यहां से सेब की खेती हिमाचल के बाकी इलाकों में फैल गई।

कोटगढ़ में घूमने की बेहतरीन जगहें और अनुभव, जो पर्यटकों को जरूर देखने चाहिए
कोटगढ़ आने वाले पर्यटक यहां के सेब के बागानों में घूमना सबसे ज्यादा पसंद करते हैं, खासकर अगस्त से अक्टूबर के हार्वेस्ट सीजन में। इसके अलावा पास में स्थित तानी जुब्बर झील एक शांत पिकनिक और फोटोग्राफी स्पॉट है। कोटगढ़ के पास थनेदार गांव भी है, जहां सबसे पहले सेब के पौधे लगाए गए थे। यहां स्थानीय मंदिर और हिमाचली संस्कृति को एक्सप्लोर करना भी एक खास अनुभव होता है।
कोटगढ़ घूमने का सबसे अच्छा समय और बजट ट्रिप के लिए ट्रैवल गाइड
कोटगढ़ घूमने का सबसे अच्छा समय मार्च से जून के बीच होता है, जब मौसम सुहावना रहता है। सितंबर-अक्टूबर का समय सेब के हार्वेस्ट सीजन के लिए परफेक्ट माना जाता है। कोटगढ़ शिमला से रोड रूट के जरिए आसानी से जुड़ा हुआ है। नजदीकी एयरपोर्ट शिमला या चंडीगढ़ है और नजदीकी रेलवे स्टेशन शिमला है।
कोटगढ़ भले ही छोटा सा कस्बा हो, लेकिन भारत की सेब की कहानी का सबसे अहम अध्याय यहीं से शुरू होता है।
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-Vishakha Mehra , Journalist


