जयपुर, 10 सितंबर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर लम्पी स्किन रोग की स्थिति और उसकी रोकथाम को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने कहा कि सावधानी और सतर्कता ही पशुओं में लम्पी रोग से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। राज्य सरकार लम्पी स्किन रोग को लेकर पूरी तरह सजग और सतर्क है तथा संक्रमण की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में पशुपालकों को लम्पी स्किन रोग के लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी देने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जागरूकता से पशुपालक समय पर सावधानी बरत सकेंगे और अनावश्यक पैनिक से भी बचेंगे।

पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में सामने आए मामले
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में लम्पी रोग के मामले पूरे राजस्थान में नहीं हैं,
- बल्कि पूर्वी क्षेत्र के कुछ जिलों में ही सामने आए हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने
- और रोग की रोकथाम के लिए विभागीय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
- उन्होंने प्रदेशभर में टीकाकरण अभियान को और तेज करने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में रोग
- प्रतिरोधक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
संक्रमित पशुओं को आइसोलेट करने के निर्देश
- मुख्यमंत्री ने गोशालाओं और अन्य स्थानों पर संक्रमित पशुओं को अलग रखने यानी आइसोलेट करने के लिए
- आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों को क्षेत्र
- में लगातार निगरानी रखने के लिए पाबंद किया।
- पशुपालकों को भी आवश्यक सावधानियां अपनाने और लम्पी रोग के लक्षण दिखाई देने पर समय पर आवश्यक कदम
- उठाने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया गया।
10,403 पशु संक्रमित, 6,905 की रिकवरी
- बैठक में पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अब तक 10 हजार 403 संक्रमित पशु पाए गए हैं।
- इनमें से 6 हजार 905 पशु रिकवर हो चुके हैं और रिकवरी की संख्या लगातार बढ़ रही है।
- अधिकारियों के अनुसार प्रदेशभर में 87 प्रतिशत से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।
- सरकार की ओर से टीकाकरण अभियान को और गति देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नियंत्रण कक्ष और रैपिड रिस्पांस टीम गठित
- पशुपालन विभाग की ओर से लम्पी रोग की रोकथाम के लिए कई स्तरों पर व्यवस्थाएं की गई हैं।
- राज्य और जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं।
- इसके अलावा जिला और ब्लॉक स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन किया गया है।
- विभाग की ओर से पशुपालकों को साइपरमेथ्रिन और सोडियम हाइपोक्लोराइट उपलब्ध
- कराने सहित अन्य आवश्यक कदम भी उठाए जा रहे हैं।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
- बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया,
- प्रमुख शासन सचिव पशुपालन एवं गोपालन विकास सीतारामजी भाले सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
- पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े।
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Edited by – Krishika Agarwal


