जयपुर, 28 सितंबर। राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावी हार के बाद कांग्रेस के नेता संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक स्थिति बनाए रखने के लिए अनर्गल बयानबाजी और विरोध प्रदर्शन कर रही है।
मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस चुनाव जीतने पर परिणामों को स्वीकार करती है, लेकिन चुनाव हारने के बाद ईवीएम, एसआईआर और चुनाव आयोग पर सवाल उठाती है। उनके अनुसार, कांग्रेस का यह रुख उसकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।

‘हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रही कांग्रेस’
- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस चुनावों में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने
- के बाद देश की संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रही है।
- उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जहां चुनाव जीतती है, वहां अपनी जीत का श्रेय लेती है
- और जहां हार का सामना करना पड़ता है, वहां चुनावी प्रक्रिया और संस्थाओं पर सवाल उठाती है।
- मदन राठौड़ ने कहा कि चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर लगाए जा रहे
- आरोपों के जरिए कांग्रेस जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। यह उनका राजनीतिक आरोप है,
- जबकि चुनावी परिणामों के बाद ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया को लेकर
- विपक्ष की ओर से अलग-अलग आपत्तियां भी सामने आती रही हैं।
- हालिया राजस्थान शहरी निकाय चुनावों में भाजपा 4,179 वार्डों के साथ सबसे बड़ी पार्टी रही,
- जबकि कांग्रेस ने 3,613 वार्ड जीते। निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी 2,273 वार्डों में जीत दर्ज की।
‘कांग्रेस के पास न नीति है, न मजबूत विजन’
- मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के पास वर्तमान समय में कोई स्पष्ट नीति और मजबूत विजन नहीं है।
- उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के नेता राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बने रहने के लिए प्रदर्शन और बयानबाजी कर रहे हैं।
- उन्होंने हालिया निकाय चुनावों का हवाला देते हुए कांग्रेस के भीतर कथित असंतोष
- और आपसी मतभेदों का भी उल्लेख किया। राठौड़ ने दावा किया कि कांग्रेस के अंदरूनी मतभेद अब सार्वजनिक रूप से सामने आ रहे हैं।
- हालांकि, हालिया निकाय चुनावों के आंकड़े राज्य में दोनों प्रमुख दलों के बीच प्रतिस्पर्धी राजनीतिक स्थिति भी दिखाते हैं।
- चुनाव परिणामों के अनुसार भाजपा सबसे बड़ी पार्टी रही, लेकिन कई निकायों में कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी महत्वपूर्ण प्रदर्शन किया।
‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना का किया उल्लेख
- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना महत्वपूर्ण है।
- उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को संगठन और देशहित को प्राथमिकता देते हुए जनता के बीच काम करना चाहिए।
- उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति का एक प्रमुख हिस्सा देश की स्वायत्त
- और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने तक सीमित हो गया है।
- मदन राठौड़ ने कहा कि देश की जनता राजनीतिक दलों के इस तरह के बयानों और विरोध प्रदर्शनों को समझ रही है।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
- मदन राठौड़ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।
- उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी
- और कांग्रेस के अन्य नेता देश की संवैधानिक संस्थाओं तथा भारतीय सेना के शौर्य को लेकर विदेशों में भी सवाल उठाते रहे हैं।
- राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के बयानों से देश की संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
- उन्होंने दावा किया कि जनता कांग्रेस के इस कथित दोहरे रवैये को समझ चुकी है और वह ऐसे राजनीतिक आरोपों से प्रभावित नहीं होगी।
निकाय चुनाव के बाद तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
- राजस्थान के 309 शहरी निकायों में सितंबर 2026 में चुनाव हुए।
- उपलब्ध परिणामों के अनुसार भाजपा 4,179 वार्डों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी,
- जबकि कांग्रेस को 3,613 वार्डों पर जीत मिली और निर्दलीयों ने 2,273 वार्ड जीते।
- निकायों के अध्यक्ष/महापौर पदों के चुनाव में भी भाजपा ने बड़ी संख्या में पद हासिल किए।
- 21 सितंबर तक उपलब्ध परिणामों के अनुसार भाजपा ने 301 शहरी निकायों में 197 प्रमुख पद जीते थे,
- जबकि कांग्रेस के खाते में 94 पद आए थे।
- इन परिणामों के बाद राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई है।
- मदन राठौड़ ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ता जनता के बीच
- जाकर सरकार के काम और योजनाओं की जानकारी पहुंचाते रहेंगे।
गांवमंच डेस्क
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Edited by – Riddhima


