गाँव मंच डेस्क लुधियाना, 13 फरवरी। लुधियाना के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील (MDM) कर्मचारियों की हड़ताल के बावजूद अधिकांश बच्चों को भोजन दिया गया। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कुछ स्कूलों में वितरण प्रभावित हुआ, लेकिन प्रशासन और स्कूलों ने समय रहते वैकल्पिक व्यवस्थाएँ लागू की।
हड़ताल का असर
शहर के कई सरकारी स्कूलों में हड़ताल के कारण मिड-डे मील वितरण में देरी देखने को मिली। शुरुआती घंटों में कई छात्रों को खाना नहीं मिला। हालांकि, जिला प्रशासन ने तुरंत कदम उठाकर कई स्कूलों में रोटियां और खाने के पैकेट उपलब्ध कराए। इस वजह से अधिकांश बच्चों को समय पर भोजन मिल गया।

वैकल्पिक व्यवस्थाएँ
स्कूलों और स्थानीय अधिकारियों ने साझा रसोई और बाहरी टिफिन सर्विस का सहारा लिया। कुछ जगहों पर स्वयंसेवकों और स्थानीय एजेंसियों ने भी बच्चों तक खाना पहुँचाने में मदद की। इसके अलावा, कुछ स्कूलों ने भोजन तैयार करने और वितरित करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया।
हड़ताल का कारण
MDM कर्मचारियों ने वेतन भुगतान और सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर हड़ताल की। उनका कहना था कि कई महीनों से वेतन में देरी और काम की बढ़ती जिम्मेदारियों के चलते उन्हें संतोषजनक सुविधा नहीं मिल रही है। कर्मचारी यह भी कहते हैं कि उचित संसाधन न मिलने के कारण बच्चों तक समय पर खाना पहुँचाना मुश्किल हो रहा था।

छात्रों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
कुछ अभिभावकों ने चिंता जताई कि हड़ताल के कारण बच्चों को समय पर खाना न मिले। वहीं अधिकांश स्कूलों में वैकल्पिक व्यवस्थाओं के चलते छात्रों ने सामान्य रूप से भोजन प्राप्त किया। छात्रों ने भी बताया कि खाने की गुणवत्ता सामान्य रही।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिला प्रशासन ने कहा कि बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए हर स्कूल में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की गई। अधिकारियों ने बताया कि हड़ताल का असर कम करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कर्मचारी और प्रशासन के बीच संवाद बढ़ाया जाएगा।
आगे की संभावनाएँ
विशेषज्ञों और अधिकारियों का कहना है कि हड़ताल जैसी घटनाओं से बच्चों की पढ़ाई और पोषण पर असर न पड़े, इसके लिए वैकल्पिक योजनाओं को नियमित बनाया जा सकता है। साथ ही, कर्मचारियों की मांगों पर विचार करके स्थायी समाधान भी निकाला जा सकता है।
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