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Fact Check, क्या जैविक खेती से पहले साल में ही उत्पादन आधा हो जाता है?

गांवमंच डेस्क | जयपुर

सोशल मीडिया और गांवों में अक्सर यह दावा किया जाता है कि “जैविक खेती शुरू करते ही पहले साल में उत्पादन आधा हो जाता है”। कई किसान इसी डर के कारण रासायनिक खेती से जैविक खेती की ओर कदम बढ़ाने से हिचकते हैं। लेकिन क्या यह दावा पूरी तरह सही है? आइए तथ्य जांचते हैं।

दावा क्या है?

दावा: जैविक खेती अपनाते ही पहले ही वर्ष फसल उत्पादन 50% तक घट जाता है।

यह दावा अक्सर बिना किसी वैज्ञानिक आधार के साझा किया जाता है और सभी फसलों तथा सभी परिस्थितियों पर एक जैसा लागू मान लिया जाता है।

तथ्य जांच

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार यह दावा भ्रामक (Misleading) है। जैविक खेती में उत्पादन पर प्रभाव कई बातों पर निर्भर करता है:

  • मिट्टी की वर्तमान उर्वरता
  • पहले उपयोग किए गए रासायनिक उर्वरकों की मात्रा
  • जैविक खाद की उपलब्धता
  • फसल का प्रकार
  • सिंचाई और प्रबंधन तकनीक
  • संक्रमण अवधि (Conversion Period)

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों के अध्ययनों में पाया गया है कि जैविक खेती अपनाने के शुरुआती वर्षों में कुछ फसलों में हल्की से मध्यम कमी हो सकती है, लेकिन यह हर स्थिति में 50% नहीं होती

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि किसान अचानक सभी रासायनिक इनपुट बंद कर दें और पर्याप्त गोबर खाद, कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट तथा जैव उर्वरकों का उपयोग न करें, तो उत्पादन प्रभावित हो सकता है। वहीं संतुलित संक्रमण अपनाने वाले किसानों में उत्पादन में बहुत कम गिरावट देखी गई है।

कई दीर्घकालिक अध्ययनों में यह भी सामने आया है कि:

  • मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ बढ़ते हैं,
  • जल धारण क्षमता सुधरती है,
  • सूक्ष्म पोषक तत्वों की उपलब्धता बेहतर होती है,
  • और कुछ वर्षों बाद उत्पादन स्थिर हो सकता है। जैविक खेती फैक्ट चेक

किसानों के बीच यह भ्रम क्यों फैला?

यह भ्रम मुख्यतः तीन कारणों से फैलता है:

1. अचानक बदलाव

कुछ किसान बिना तैयारी के पूरी तरह जैविक खेती शुरू कर देते हैं। जैविक खेती फैक्ट चेक

2. अपर्याप्त जैविक खाद

पर्याप्त मात्रा में अच्छी गुणवत्ता की जैविक खाद उपलब्ध नहीं होती।

3. गलत तुलना

एक वर्ष के परिणाम को सभी क्षेत्रों और सभी फसलों पर लागू कर दिया जाता है।

सही तरीका क्या है?

विशेषज्ञ जैविक खेती की ओर बढ़ने के लिए चरणबद्ध तरीका अपनाने की सलाह देते हैं:

  • पहले खेत के एक हिस्से में प्रयोग करें।
  • गोबर खाद और कम्पोस्ट की मात्रा बढ़ाएं।
  • हरी खाद (Green Manure) का उपयोग करें।
  • फसल चक्र अपनाएं।
  • जैव उर्वरक और जैव कीटनाशकों का उपयोग करें।
  • मिट्टी परीक्षण के आधार पर पोषण प्रबंधन करें।

अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें


https://agriculture.rajasthan.gov.in

https://icar.org.in

Edited by – Riddhima

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