गांव मंच, जयपुर 9 जून 2026। राजस्थान में पीएम स्वनिधि योजना का शानदार क्रियान्वयन हो रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में इसे गति मिली है। यह योजना रेहड़ी-पटरी वालों के लिए वरदान बनी है। इसके तहत छोटे व्यापारियों को बिना गारंटी कर्ज मिल रहा है। प्रदेश में अब तक 3 लाख से अधिक वेंडर्स लाभान्वित हुए हैं। उन्हें 428 करोड़ 93 लाख रुपये बांटे जा चुके हैं।
इस योजना की अवधि अब मार्च 2030 तक बढ़ा दी गई है। इससे लाखों परिवारों का सामाजिक-आर्थिक जीवन स्तर सुधरेगा।

पीएम स्वनिधि योजना राजस्थान: आंकड़ों की पूरी कहानी
राजस्थान सरकार ने इस योजना में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। योजना की मुख्य प्रगति निम्नलिखित है:
- कुल स्वीकृत ऋण: अब तक 3 लाख 6 हजार लाभार्थियों का लोन पास हुआ।
- ब्याज सब्सिडी: समय पर कर्ज चुकाने वालों को 7% की सब्सिडी मिलती है।
- खातों में ट्रांसफर: अब तक 6 करोड़ 57 लाख की ब्याज सब्सिडी भेजी गई।
- कैशबैक का लाभ: डिजिटल लेनदेन पर 10 करोड़ से अधिक कैशबैक दिया गया।
राजस्थान के प्रमुख शहरों में आवेदकों की स्थिति
छोटे और बड़े शहरों में इस सूक्ष्म वित्तीय योजना को भारी लोकप्रियता मिली है:
| शहर का नाम | आवेदन करने वाले स्ट्रीट वेंडर्स की संख्या |
| जयपुर शहर | सबसे अधिक 60 हजार से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए। |
| जोधपुर शहर | यहाँ 18 हजार से अधिक छोटे व्यापारियों ने फॉर्म भरा। |
| बीकानेर शहर | बीकानेर में 14 हजार 68 वेंडर्स ने आवेदन किया। |
| अजमेर शहर | अजमेर से 13 हजार 165 रेहड़ी-पटरी वाले आगे आए। |

डिजिटल समावेशन और तीन चरणों में लोन की सुविधा
“यह योजना स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर बना रही है। इसमें बिना गारंटी के चरणबद्ध ऋण मिलता है। पहले चरण में 15 हजार रुपये का लोन दिया जाता है। दूसरे चरण में 25 हजार और तीसरे में 50 हजार मिलते हैं। सफल भुगतान पर 30 हजार की लिमिट का रुपे क्रेडिट कार्ड मिलता है।”
— स्वायत्त शासन विभाग रिपोर्ट
महिलाओं और वंचित वर्गों को मिल रहा पूरा हक
योजना सामाजिक समावेशन का बड़ा उदाहरण बनकर उभरी है। राज्य में कुल लाभार्थियों में 34 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। वहीं लगभग 70 प्रतिशत लाभार्थी अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं। इससे छोटे व्यापारियों की वार्षिक आय में 20% की वृद्धि हुई है।
अब इन छोटे दुकानदारों को साहूकारों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। वे सीधे औपचारिक बैंकिंग प्रणाली का हिस्सा बन चुके हैं।
- पीएम स्वनिधि योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन, पात्रता और शहरी निकायों की सूची देखने के लिए स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार के आधिकारिक वेब पोर्टल पर विजिट करें।
- केंद्र सरकार की इस क्रेडिट गारंटी सूक्ष्म वित्तीय योजना के विस्तृत नियमों को पढ़ने के लिए आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
राजस्थान में पंचायतों, ग्राम सभाओं और ग्रामीण योजनाओं से जुड़ी ताज़ा खबरें गाँव मंच के पंचायत सेक्शन में भी उपलब्ध हैं।
नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।


