जयपुर। राजस्थान के जिला-विशिष्ट उत्पादों और स्थानीय उद्यमिता को राष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने की दिशा में प्रदेश के 38 ODOP उद्यम और कारीगर भारत ODOP संगम 2026 में हिस्सा लेंगे। राष्ट्रीय स्तर का यह प्रदर्शनी-सह-विक्रय कार्यक्रम 7 से 11 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा।
इस आयोजन का उद्देश्य देशभर के One District One Product (ODOP) उत्पादों की पहचान, बाजार पहुंच और दृश्यता को मजबूत करना है। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) के अनुसार ODOP पहल का उद्देश्य प्रत्येक जिले के कम से कम एक विशिष्ट उत्पाद को पहचान, ब्रांडिंग और बाजार उपलब्धता के माध्यम से बढ़ावा देना है।

भारत ODOP संगम में 600 से अधिक प्रदर्शकों की भागीदारी
- भारत ODOP संगम में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की 600 से अधिक इकाइयों और प्रदर्शकों की भागीदारी प्रस्तावित है।
- आयोजन में राजस्थान के विभिन्न जिलों से चयनित 38 ODOP उद्यम एवं कारीगर अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे।
- राजस्थान की ओर से रत्न एवं आभूषण, मार्बल एवं स्टोन, हस्तशिल्प एवं लकड़ी उत्पाद, वस्त्र एवं परिधान तथा
- खाद्य एवं कृषि प्रसंस्कृत उत्पादों सहित विभिन्न जिला-विशिष्ट उत्पादों को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा।
- इससे प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को संभावित खरीदारों, बाजारों और अन्य व्यावसायिक अवसरों से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
राजस्थान ODOP नीति 2024 के तहत उद्यमों को मार्केटिंग सहायता
- राजस्थान सरकार ने ODOP उद्यमों के समग्र विकास, उत्पादों में मूल्य संवर्धन
- और बाजार विस्तार को प्रोत्साहित करने के लिए राजस्थान One District One Product (ODOP) नीति 2024 लागू की है।
- राज्य सरकार के उद्योग विभाग की वेबसाइट पर इस नीति के लिए दिशा-निर्देश भी उपलब्ध हैं।
- नीति के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेलों एवं प्रदर्शनियों में भाग लेने वाले पात्र
- ODOP MSME को मार्केटिंग सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
- नीति में आयोजन के प्रकार और स्थान के अनुसार स्टॉल किराये तथा प्रतिनिधियों
- की यात्रा के लिए अलग-अलग सहायता का प्रावधान किया गया है।
- राजस्थान ODOP नीति के अनुसार, देश में राजस्थान के बाहर आयोजित राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय मेलों
- एवं प्रदर्शनियों में भागीदारी के लिए 75 प्रतिशत स्टॉल किराये या अधिकतम 1.50 लाख रुपये,
- जबकि विदेश में आयोजित मेलों के लिए 75 प्रतिशत स्टॉल किराये या अधिकतम 2 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है।
- दो प्रतिनिधियों के लिए निर्धारित यात्रा सहायता भी दी जाती है।
अब तक करीब 497 ODOP उद्यमों को लाभ
- प्रेस नोट के अनुसार, राजस्थान ODOP नीति के तहत मार्केटिंग सहायता के माध्यम से
- अब तक लगभग 497 ODOP उद्यमों को लाभान्वित किया जा चुका है।
- राज्य सरकार की ओर से ODOP उद्यमों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रमुख मेलों
- और प्रदर्शनियों में भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
IITF और Bharat Tex जैसे आयोजनों में भी भागीदारी
- उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा ODOP उद्यमों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए
- India International Trade Fair (IITF), Bharat Tex सहित अन्य प्रमुख व्यापार मेलों
- और प्रदर्शनियों में भाग लेने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
- इसी क्रम में भारत ODOP संगम में राजस्थान के 38 उद्यमों की भागीदारी प्रदेश के जिला-विशिष्ट उत्पादों,
- पारंपरिक शिल्प और स्थानीय उद्यमिता को व्यापक बाजार मंच उपलब्ध कराने की पहल है।
- ODOP कार्यक्रम के तहत देशभर में विभिन्न जिलों के विशिष्ट उत्पादों की पहचान और उन्हें बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
- DPIIT के अनुसार वर्तमान में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 773 जिलों से 1,244 ODOP उत्पादों की पहचान की जा चुकी है।
राजस्थान के ODOP उद्यमों के लिए बढ़ेगा बाजार का दायरा
- भारत ODOP संगम के जरिए राजस्थान के चयनित उद्यमों और कारीगरों को अपने उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने,
- संभावित खरीदारों तक पहुंच बनाने और नए बाजार अवसर तलाशने का मंच मिलेगा।
- राज्य सरकार की ODOP नीति में भी उत्पादों की मार्केटिंग, बाजार विस्तार और
- मेलों-प्रदर्शनियों में भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए सहायता का प्रावधान किया गया है।
अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
https://www.dpiit.gov.in/offerings/initiative/details/one-district-one-product-odop-5IjM1ETMtQWa
Edited by – Riddhima


