गाँव मंच डेस्क, जयपुर, 13 अगस्त। राजस्थान में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की नेत्र जांच होगी। इस अभियान में करीब 75 हजार बच्चों को चश्मे मिलेंगे। राज्य सरकार ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों पर अभियान चलेगा।
बच्चों की आंखों की होगी नियमित जांच
- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खीवसर ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय पर नेत्र जांच बेहद जरूरी है।
- इससे दृष्टि संबंधी समस्याओं की पहचान जल्दी हो सकेगी। सरकार चाहती है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो।
- दृष्टि संबंधी समस्या पढ़ाई में बाधा बन सकती है। इसलिए बच्चों की जांच स्कूल स्तर पर होगी।
- जरूरत के अनुसार बच्चों को आगे की जांच मिलेगी।
पिछले साल 71 हजार बच्चों को मिले चश्मे
- प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी जांच अभियान चला था।
- इस दौरान 71 हजार से ज्यादा बच्चों को चश्मे मिले। बच्चों को चश्मे निःशुल्क उपलब्ध कराए गए थे।
- इस वर्ष भी व्यापक स्तर पर जांच की जाएगी। अभियान में करीब 75 हजार बच्चों को चश्मे मिलेंगे।
- जरूरतमंद विद्यार्थियों को उनकी आवश्यकता अनुसार चश्मे दिए जाएंगे।
आरबीएसके टीम करेगी विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग

- सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग शुरू होगी। यह काम आरबीएसके टीमों द्वारा किया जाएगा।
- ब्लॉक स्तर पर विभागों के बीच समन्वय रहेगा। ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी इसमें सहयोग करेंगे।
- ब्लॉक शिक्षा अधिकारी भी अभियान में शामिल होंगे। शिक्षकों को भी इस प्रक्रिया में जिम्मेदारी दी गई है।
- स्कूलों में शाला दर्पण का डाटा इस्तेमाल होगा। इसी आधार पर नेत्र जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
Edited by- Krishika Agarwal


