गावं मंच डेस्क, जयपुर 9 मई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में राजस्थान अस्पताल उपचार प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को शासन सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर (OT) और आईसीयू जैसे संवेदनशील स्थानों पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कोटा घटना के बाद सख्त रुख
गायत्री राठौड़ ने कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की मौत की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति होने पर अब सीधे संस्थान प्रभारी और यूनिट हेड को उत्तरदायी ठहराया जाएगा। उन्होंने बताया कि कोटा प्रकरण में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ पर पहले ही सख्त कार्रवाई की जा चुकी है।

संवेदनशील इकाइयों में नियमित स्टरलाइजेशन अनिवार्य
प्रमुख शासन सचिव ने निर्देश दिए कि संक्रमण रोकने के लिए ओटी, आईसीयू और इमरजेंसी में प्रोटोकॉल के अनुरूप नियमित स्टरलाइजेशन किया जाए। उपचार में उपयोग होने वाले उपकरणों और मशीनों की भी गहन जांच होनी चाहिए। राजस्थान अस्पताल उपचार प्रोटोकॉल के तहत अस्पताल प्रभारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने के आदेश दिए गए हैं ताकि मरीज की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
सीनियर डॉक्टर्स की उपस्थिति और मॉनिटरिंग
बैठक में कार्मिकों की अनुशासनहीनता पर भी चर्चा हुई। गायत्री राठौड़ ने निर्देश दिए कि:
- ड्यूटी टाइम में सीनियर डॉक्टर्स सहित पूरा स्टाफ अस्पताल में अनिवार्य रूप से मौजूद रहे।
- ओटी और आपातकालीन इकाइयों में सीनियर डॉक्टर्स की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
- राज्य स्तर की टीमें समय-समय पर अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर प्रोटोकॉल की पालना की जांच करेंगी।
- दवाओं के भंडारण के लिए निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।
आरएमआरएस फंड का होगा उपयोग
अस्पतालों में तात्कालिक आवश्यकताओं और सुधार कार्यों के लिए राजस्थान मेडिकल रिलीफ सोसाइटी (RMRS) के फंड का उपयोग करने की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही चिकित्सा शिक्षा आयुक्त और निदेशक जनस्वास्थ्य को निर्देश दिए गए हैं कि वे राजस्थान अस्पताल उपचार प्रोटोकॉल के लिए नई गाइडलाइन जल्द जारी करें।
बैठक में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल, आरएमएससीएल एमडी पुखराज सेन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
- राजस्थान स्वास्थ्य विभाग की नई गाइडलाइन्स और अपडेट्स के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट देखें।
- मरीजों के अधिकारों और उपचार संबंधी प्रोटोकॉल की जानकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के पोर्टल पर उपलब्ध है।
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नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।


